उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शत प्रतिशत कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर जोर देते हुये कहा कि कोरोना संक्रमण का फैलाव हर हाल में रोकना है, जिसके लिए जिलों में रैपिड रिस्पांस टीमों (आरआरटी) और निगरानी समितियों की संख्या बढ़ाई जाए। गोरखपुर दौरे के दूसरे दिन योगी ने सोमवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में गोरखपुर-बस्ती मंडल के सात जिलों की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुये कहा कि कोरोना संक्रमण रोकने के लिए आरआरटी और निगरानी समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। निगरानी समितियों की संख्या तीन से चार गुना तक बढ़ाई जाए। मेडिकल किट का वितरण निगरानी समितियों के माध्यम से हो और उसका सत्यापन भी कराएं। मेडिकल किट की पर्याप्त दवा हर जिले में दी गई है। 

उन्होंने निर्देशित किया कि एम्बुलेंस 108 का 75 प्रतिशत प्रयोग कोविड-19 में किया जाए और आरआरटी को वाहन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि समय पर मरीज को सुविधा दी जाए, तो निश्चित वह आरोग्यता को प्राप्त करेगा। रोग को छिपाया न जाए, अगर बीमारी है, तो उसका उपचार आवश्यक है। एक-एक व्यक्ति का जीवन अमूल्य है और उसे हर हाल में बचाना है। लक्षणयुक्त/संदिग्ध की तत्काल जांच कराते हुए रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे शीघ्र मेडिकल किट उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कार्य प्रबंधन टीम भावना से किया जाए, तो निश्चित रूप से शत प्रतिशत सफलता मिलेगी। शासन स्तर पर आक्सीजन की उपलब्धता, रेमडिसिविर इंजेक्शन, होम आइसोलेशन, स्वच्छता, सेनेटाइजेशन, फागिंग आदि कार्यों की व्यवस्था/निगरानी संबंधी समितियां गठित की गई हैं। इसी प्रकार जिला स्तर पर भी समिति गठित कर उनके कार्य/दायित्व निर्धारित किए जाएं। उन्होने कहा कि आक्सीजन की आडिट हर हाल में कराई जाए और यह सुनिश्चित हो कि इसका वेस्टेज न होने पाए। हास्पिटलों में आक्सीजन आडिट कराया जाना नितान्त आवश्यक है। कहीं भी आक्सीजन की कालाबाजारी नहीं होनी चाहिए, इसकी जांच की जाए और पकड़े जाने पर दोषी के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।