उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमितों के मामले जो तीन दिन पहले 38 हजार को पार कर गये थे, उसमें आज कमी आई और 33,574 लोग संक्रमित पाये गये। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रदेश में बड़ी संख्या में टेस्टिंग क्षमता निरन्तर बढ़ायी जा रही है। एक दिन में 1,86,346 सैम्पल की जांच की गयी। 

प्रदेश में अब तक कुल 3,99,57,293 सैम्पल की जांच की गयी है। उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटे में कोरोना सेे संक्रमित 33,574 नये मामले आये है तथा 26,719 मरीज संक्रमणमुक्त हुए हैं। इस प्रकार अब तक 8,04,563 से अधिक लोग कोविड संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। प्रदेश में 3,04,199 कोरोना के एक्टिव मामले में से 2,49,406 व्यक्ति होम आइसोलेशन में, 6,827 मरीज निजी चिकित्सालयों में तथा शेष मरीज सरकारी चिकित्सालयों में इलाज करा रहे हैं। 

प्रसाद ने बताया कि सर्विलांस की कार्यवाही निरन्तर चल रही है। संक्रमण को रोकने के लिए जो उपाय किये जा रहे हैं उनमें से सर्विलांस, कान्टैक्ट ट्रेसिंग, टेस्टिंग, आइसोलेशन और वैक्सीनेशन आदि हैं। प्रदेश में 45 वर्ष सेे अधिक आयु वालों का कोविड वैक्सीनेशन किया जा रहा है। अब तक 97,83,416 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी गयी तथा पहली डोज लेने वालों में से 20,00,464 लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज दी गयी हैं। इस प्रकार कुल 1,17,83,880 वैक्सीन की डोज लगायी जा चुकी है। प्रसाद ने बताया कि सरकार द्वारा प्राइवेट लैब/अस्पतालों के लिए कोरोना जांच की दरें निर्धारित की गई है, जिसमें एन्टीजन टेस्ट हेतु रु0 250, अस्पताल में जाकर आरटीपीसीआर टेस्ट कराने हेतु रु0 700, घर से सैम्पल लेने पर 900 तथा टूनेट लैब में जांच हेतु 1250 तथा घर से सैम्पल लेकर जांच कराने पर 1450 देय होगा।

कोई भी निजी या सरकारी अस्पताल किसी कोविड मरीज के उपचार से इंकार नहीं कर सकता। किसी भी गरीब आदमी का निजी अस्पताल में उपचार होने पर प्रदेश सरकार आयुष्मान योजना के तहत इलाज का भुगतान करेगी। उन्होंने कहा कि किसी मरीज से निर्धारित दर से अधिक शुल्क लेने पर महामारी एक्ट के तहत दण्डनीय अपराध होगा और इस तरह की घटना पर पीड़ित व्यक्ति संबंधित जनपद के जिलाधिकारी/मुख्य चिकित्साधिकारी/कमाण्ड सेण्टर को सूचित कर सकता है।