पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में कोरोना वायरस पर किये गए एक सर्वेक्षण में कहा गया है कि यहां तीन लाख लोग संक्रमित है, जिसके बाद शहर ‘हर्ड इम्युनिटी’ की ओर बढ़ सकता है। पाकिस्तान मीडिया के अनुसार सर्वेक्षण में कहा गया है कि इस्लामाबाद की आबादी का एक बड़ा हिस्सा वायरस से पीड़ित है और उनमें संक्रमण के कोई लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं। 

उधर पाकिस्तान में पिछले 24 घंटों के दौरान वायरस के 2276 नये मामले आए हैं और देश में संक्रमण का कुल आंकड़ा दो लाख 59 हजार 401 पर पहुंच गया। संक्रमण से पाकिस्तान में 5465 लोगों की मौत हो चुकी है। देश में संक्रमण से 1,78,737 मरीज ठीक भी हो चुके हैं। इस्लामाबाद में सीरो-एपीडेमियो-लोजिकल सर्वे फार कोविड-19 नाम से यह सर्वेक्षण एक जून से 25 जून के बीच किया गया था। हर्ड इम्युनिटी की परिभाषा: विश्व में कोरोना से लड़ने के दो बेहद अलग-अलग तंत्र हैं। एक के अनुसार घर में रहो, जबकि दूसरे में घर से निकल जाओ। 

अब सवाल यह उठता है कि व्यक्ति घर में आखिर कब तक रह सकता है, क्योंकि ऐसी स्थिति में तो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था ही चौपट हो जाएगी। लोगों की नौकरियां जाने लगेंगी और खाने-पीने के लाले पड़ जाएंगे लोग डिप्रेशन में आ सकते हैं। तो फिर करें क्या । ऐसी स्थिति से निपटने के लिए कोरोना से लड़ने का दूसरा विकल्प कहता है कि घर से बाहर निकलो। इसके अनुसार लॉकडाउन तभी तक कारगर है जब तक लोग घरों में हैं। जैसे ही लोग घरों से निकलेंगे वे संक्रमण की जद में आ सकते हैं। इसलिए छुपने की बजाय परिस्थितियों का सामना करें, जितने ज्यादा लोग इससे संक्रमित होंगे। इंसानी जिस्म में इससे लड़ने की उतनी ज्यादा शक्ति उत्पन्न होगी और इसे ही हर्ड इम्युनिटी का नाम दिया गया है।