कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने सोमवार को बेंगलुरू में लॉकडाउन, आंशिक लॉकडाउन या रात के कर्फ्यू को फिर से लागू करने की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार मौजूदा कोविड सुरक्षा प्रोटोकॉल को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जिसके अंतर्गत मास्क पहनने को अनिवार्य किया जा रहा है।

सुधाकर ने संवाददाताओं से कहा कि लॉकडाउन या आंशिक लॉकडाउन को फिर से लागू करने के संबंध में कर्नाटक को ‘इतनी जल्दी’ फैसला करने की कोई आवश्यकता नहीं है। ‘‘हम इस खतरनाक वायरस को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त अनुभव प्राप्त कर चुके हैं। हमारी मृत्यु दर के अनुसार, यह साबित होता है कि निश्चित रूप से महामारी को नियंत्रित किया जा सकता है।’’ एक सवाल के जवाब में, सुधाकर ने कहा कि ऐसा नहीं है कि सरकार या स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों की इस महामारी से निपटने में विशेषज्ञता की कमी के कारण मामलों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन यह इसलिए है क्योंकि बड़े पैमाने पर महामारी को हल्के में ले रहे हैं और कोविड सुरक्षा प्रोटोकॉल को बनाए नहीं रख रहे हैं।

‘‘सरकार इस महामारी से निपटने के लिए कितना कुछ करेगी। ऐसी परिस्थितियों में, लॉकडाउन बिल्कुल भी समाधान नहीं हो सकता है .... लोगों को इसे एक चुनौती के रूप में लेना होगा और अनिवार्य रूप से मास्क पहनना शुरू करना होगा।’’ मंत्री ने आगे कहा कि सरकार अपनी ओर से मार्शलों को मास्क न पहनने के लिए 250 रुपये का जुर्माना लगाने का निर्देश देगी। ‘‘हमारे पास मामलों को नीचे लाने के लिए जुर्माना लगाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। अगर राज्य भर में लोग मास्क पहनना बंद कर देते हैं, तो महामारी को नियंत्रित करना मुश्किल होगा। हमें पहले मास्क पहनने का पालन करना होगा।’’ उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों पर अपनी सतर्कता क्षमताओं को भी बढ़ाएगी, जहां लोगों का बेरोकटोक आना-जाना फिर से संक्रमण का मुख्य कारण बन गया है।