कोरोना महामारी (Corona) के मामले देश में कम होते नजर आ रहे हैं, लेकिन मौतों (Corona death in india) का आंकड़ा है कि कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। ऐसे में अब आशंका जताई जा रही है कि देश में जांचें कम कर दी गई है, जिसका परिणाम है कि नए मामलों में गिरावट देखने को मिली है। ऐसी स्थिति खतरनाक भी साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जांचें (corona test in india) नहीं बढ़ाई गईं तो संक्रमित मरीजों का समय रहते पता नहीं लग सकेगा जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।

दरअसल, अक्टूबर माह के दूसरे हफ्ते से ही चांजों में ढिलाई नजर आने लगी थी। यह नवरात्र का समय था। फेस्टिवल सीजन (corona cases in festival season) में एक तरफ जहां जांचें कम होने लगी तो वहीं दूसरी बाजारों में भीड़ भी बढऩे लगी। ऐसे समय में जब कांटेक्ट ट्रेसिंग बढऩी चाहिए थी, वहीं इसमें सुस्ती बरती जाने लगी। जानकारी के मुताबिक दूसरी लहर के बाद से देश में रोज 15 लाख जांचें की जा रही थी। कुछ दिन ऐसे भी रहे जब 20 लाख नमूने लिए गए। 

अक्टूबर माह आते आते ये जांचे करीब पांच लाख तक कम हो गई। दस लाख सैम्पल (corona sample) प्रतिदिन लिए जाने लगे। बीते दिन यानी शनिवार को चौबीस घंटों के भीतर मात्र 8.10 लाख नमूने ही जांचे गए। एक्सपट्र्स की मानें तो जांचें करना जरूरी है, जांच से संक्रमित व्यक्ति का पता लग सकेगा और समय सहते उसे आइसोलेट किया जा सकेगा। ऐसा नहीं होने पर संक्रमित लोग अपनी बीमारी से अनजान रहने के कारण अपने आसपास संक्रमण फैलाएंगे।

देश में जांचें, यूं आई गिरावट

1 अक्टूबर - 15.17

6 अक्टूबर - 18.53

12 अक्टूबर - 13.25

18 अक्टूबर - 11.81

24 अक्टूबर - 9.98

30 अक्टूबर - 12.57

06 अक्टूबर - 8.10

(आंकड़ा लाख में)