कोरोना (Covid19) संकट से पूरी दुनिया जूझ रही है। कोरोना की जांच को लेकर अब नया खुलासा हुआ है। एक अध्ययन में दावा किया गया है कि दिन और रात के हिसाब से जांच का नतीजा बदल सकता है। अमरीका के वांडरबिल्ट यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर (Vanderbilt University Medical Center) के अध्ययन में कहा गया है कि वायरस समय और व्यक्ति के बॉडी क्लॉक के हिसाब से अलग-अलग तरीके से व्यवहार करता है। अध्ययन में कहा गया है कि रात की तुलना में यदि किसी ने सैंपल दोपहर में दिया हो तो संक्रमित होने की सटीक जानकारी मिलने की उम्मीद दोगुना रहती है यानी दोपहर के समय जांच से फाल्स निगेटिव की आशंका कम हो जाती है।

उधर, भारत में कोरोना वायरस संक्रमण (corona cases in india) के मामलों में लगातार कमी देखी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले 24 घंटों में कोरोना के 16,156 नए मामले सामने आए हैं। 17,095 रिकवर (corona recovery rate in india) हुए हैं और 733 लोगों की मौत हो गई। इनमें केरल में कल मिले कोरोना वायरस के 9,445 मामले और 93 मौतें (corona death in india) शामिल हैं। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Health Ministry) ने बताया कि रिकवरी रेट वर्तमान में 98.20 प्रतिशत है, जोकि मार्च 2020 के बाद से सबसे ज्यादा है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) (WHO) ने चिंता जताते हुए कहा है कि दुनिया भर में यूरोप ही एक ऐसा प्रमुख क्षेत्र है जहां कोरोना वायरस के केस और इस संक्रमण से हुई मौतों की संख्या में पिछले हफ्ते बढ़ोतरी हुई है। दोनों ही मामले में आंकड़ा डबल डिजीट पर पहुंच गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि यूरोपीय क्षेत्र के 53 देशों में कोरोना के केस बढ़े हैं। उधर, भारतीय मूल के एक सिंगापुर के नागरिक गणशन अंगुदान को कोविड-19 नियंत्रण आदेश 2020 के उल्लंघन के मामले में दोषी ठहराया गया है। देश में कोरोना काल में एक जगह पर सार्वजनिक रूप से 8 लोगों से ज्यादा को एकत्रित होने की अनुमति नहीं थी लेकिन गणेशन अंगुदान ने रात्रिभोज में 20 मेहमानों को आमंत्रित किया। ऐसे में उस पर तीन हजार डॉलर का जुर्माना लगाया गया है।