भारत में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच लोगों की लापरवाही विशेषज्ञों को चिंतित कर रही है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कोरोना की दूसरी लहर से राहत जरूर मिल रही है लेकिन आने वाले तीन महीनों में लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। 

इन महीनों में कई बड़े त्योहार आने वाले हैं, कई आयोजन होंगे। लोगों के अधिक संख्या में एकत्रित होने पर वायरस फैसले की आशंका है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अक्टूबर से नवंबर के बीच कोरोना की तीसरी लहर चरम पर हो सकती है और डेल्टा वैरिएंट कहर बरपा सकता है।

टीकाकरण अभियान के राष्ट्रीय सलाहकार समूह के कोविड-19 कार्यसमूह के अध्यक्ष डॉ. एनके अरोड़ा का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से तेजी से हो रहे टीकाकरण और कोरोना के किसी नए वैरिएंट के सामने नहीं आने के बाद हालात फिलहाल काबू में हैं। अब तीसरी लहर को लेकर सबसे बड़ा खतरा त्यौहारों के समय होगा। 

अगर लोग त्यौहारों के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं करेंगे, तो हालात फिर से बिगड़ सकते हैं। वहीं अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा कि इस समय स्थिति काफी अच्छी है। हालांकि आने वाले दिनों में त्यौहारों के मौसम तथा उस दौरान कोविड संबंधी तौर-तरीकों के पालन में आने वाली कमी, बड़े स्तर पर भीड़ का जुटना भी तीसरी लहर को लेकर निर्णायक कारक साबित हो सकते हैं।