भारत में कोविड महामारी से मुकाबले के लिए अब तक 32 देशों से सहायता सामग्री प्राप्त हुई है, जिनमें 17 ऑक्सीजन जेनेरेटर, 6771 ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर, 9435 सिलेंडर एवं 4458 वेंटीलेटर एवं सहायक उपकरण तथा करीब तीन लाख 97 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन शामिल हैं। 

सरकार के आंकड़ों के अनुसार ब्रिटेन, मॉरीशस, सिंगापुर, रूस, संयुक्त अरब अमीरात, आयरलैंड, रोमानिया, अमेरिका, थाईलैंड, जर्मनी, फ्रांस, बेल्जियम, इटली, ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, कुवैत, कतर, ओमान, बंगलादेश, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड्स, पोलैंड, डेनमार्क, इजरायल, ऑस्ट्रिया, चेक गणराज्य, कनाडा, जापान, स्पेन, दक्षिण कोरिया, लक्मबर्ग आदि से सहायता सामग्री आयी है। रूस से बड़ी मात्रा में स्पूतनिक-5 वैक्सीन भी प्राप्त हुईं हैं जो मंजूरी की प्रक्रिया में हैं। ये सामग्री 27 अप्रैल से लेकर गुरुवार 13 मई की दोपहर दो बजे तक प्राप्त हुई है। 

इसके अलावा सऊदी अरब, फ्रांस, इजरायल आदि से लगभग 300 टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन आयी है। प्राप्त ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर्स में 346 कन्सन्ट्रेटेर्स भारतीय वायुसेना ने इजरायल से खरीदे हैं। इनके अलावा स्पेन ने 260 एम्बुलैंस डिवाइस प्रदान की हैं। जर्मनी, अमेरिका, फ्रांस एवं इजरायल ने भारत को ऑक्सीजन जेनेरेटर प्रदान किये हैं। फ्रांस ने भारत को अस्पताल में ऑक्सीजन का उत्पादन करने वाले आठ अत्याधुनिक संयंत्र प्रदान किये हैं। प्रत्येक नोवएयर प्रीमियम आर एक्स 400 हॉस्पिटल लेवल ऑक्सीजन जेनेरेटर 250 बिस्तरों को सालभर तक ऑक्सीजन दे सकता है। ये ऑक्सीजन जेनेरेटर आठ अस्पतालों को दस साल से अधिक समय तक अनवरत प्राणवायु प्रदान करने में सक्षम है। 

सरकार ने प्राथमिकता एवं आवश्यकता के आधार पर उन आठ अस्पतालों को पहले से चिह्नित कर लिया है जहां ये संयंत्र लगाये जाएंगे। इनमें से दिल्ली के चार अस्पताल धर्मशिला अस्पताल, संजय गांधी अस्पताल, अंबेडकर अस्पताल और इन्द्रप्रस्थ अपोला अस्पताल शामिल हैं। इनके अलावा हरियाणा एवं तेलंगाना के अस्पताल हैं। इससे कई महत्वपू्र्ण स्थानों पर ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर राहत मिल सकेगी। सूत्रों के अनुसार सरकार मुख्य रूप से आक्सीजन उत्पादक संयंत्र, कन्सन्ट्रेटर, आक्सीजन सिलेंडर, क्रायोजेनिक टैंकर सहित तरल आक्सीजन हासिल करने पर फोकस कर रही है। चिकित्सा आपूर्ति सीधी खरीद एवं अन्य माध्यमों से लाई जा रही है। भारत में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के खतरनाक रूप धारण करने के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने मदद का हाथ बढ़ाया है। अमेरिका, रूस, जापान, फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन समेत 40 से अधिक देशों ने भारत की मदद के लिए मेडिकल सामग्री एवं ऑक्सीजन संबंधी उपकरण देने की पेशकश की है। सूत्रों के अनुसार दुनिया के विभिन्न हिस्सों से 500 से अधिक ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र, हजारों ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर एवं सिलेंडर मिलने की उम्मीद है।