कोरोना की दूसरी लहर के बीच देश में ऑक्सीजन की भारी किल्लत महसूस की जा रही है। इस पर काबू पाने के चौतरफा प्रयास हो रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी देश के बड़े शहरों में ही नहीं बल्कि शहरों, कस्बों और यहां तक कि जिलों के अस्पतालों में भी जारी है। 

वहीं एक रिपोर्ट के मुताबिक ऑक्सीजन की कमी केंद्र की योजना के आधार पर अगर अनुमान लगाया जाए तो पूरे देश में लगभग 6.9 लाख मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत हो सकती है, लेकिन चिंता की बात यह है कि राज्यों को आवश्कतानुसार ऑक्सीजन की आपूर्ति अब तक नहीं हो पाई है। बात राजधानी दिल्ली की करें तो यहां सोमवार को ऑक्सीजन की मांग 976 मीट्रिक टन थी, लेकिन केंद्र सरकार से उसे केवल 433 मीट्रिक टन ऑक्सीजन ही मिल पाई। यह मांग की आधी से भी कम यानी केवल 44 फीसदी थी। बाकी राज्यों में भी कमोबेश यही हालात हैं। अगर ऑक्सीजन की सप्लाई की स्थिति यह है तो यहां के मरीजों की जान कैसे बचाई जा सकेगी? यही सवाल हाईकोर्ट ने भी केंद्र से पूछा। कोर्ट ने इसे भयंकर लापरवाही करार दिया।

गौरतलब है कि कोरोना के कारण बीते 24 घंटे में देशभर में 3780 लोगों की मौत हुई है। अभी तक 1 दिन में कोरोना के कारण हुई यह सबसे अधिक मौतें हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान देशभर में 3.82 लाख नए कोरोना रोगी भी सामने आए हैं। इस बीच देशभर में अभी तक 2 करोड़ से अधिक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। इनमें से बड़ी तादाद में कोरोना रोगी स्वस्थ भी हुए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देशभर में 24 घंटे के दौरान 3,82,315 व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। 

24 घंटे में ही देशभर में 3780 लोगों की मौत हुई। इसी दौरान दोनों 3,38,439 कोरोना रोगी स्वस्थ हुए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देशभर में अभी तक 2,06,65,148 व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव हुए हैं। हालांकि इनमें से 1,69,51,731 व्यक्ति कोरोना से पूरी तरह स्वस्थ भी हो गए हैं। देश में इस समय एक्टिव कोरोना रोगियों की संख्या 34 लाख 87 हजार 229 हो चुकी है। यानी देशभर में 34.87 लाख से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से ग्रस्त हैं। कोरोना के कारण अभी तक पूरे देश में 2,26,188 लोगों ने अपनी जान गवाई है।