वैक्सीन की मूल्य एकरूपता के बारे में मुख्यमंत्रियों द्वारा सवाल उठाए जाने के एक दिन बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण जारी किया है। 1 मई से सभी आयुवर्गों के लोगों को टीका लगाया जाना है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक ट्वीट में कहा है, यह स्पष्ट किया जाता है सरकार द्वारा खरीदी गई दोनों वैक्सीन की कीमत 150 प्रति डोज ही रहेगी। भारत सरकार द्वारा खरीदे गए वैक्सीन को राज्यों को पूरी तरह से मुफ्त में प्रदान किया जाएगा। कई मुख्यमंत्रियों और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी पीएम मोदी को पत्र लिखकर टीकों के लिए अलग मूल्य निर्धारण पर चिंता व्यक्त की थी।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री के साथ बैठक में आग्रह किया था कि राज्यों को टीके केंद्र की दरों पर दिए जाएं। बघेल ने कहा था कि राज्य में 18 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों के लिए टीकाकरण अभियान चलाने के लिए जल्द ही टीकाकरण की कार्ययोजना उपलब्ध कराएं। उत्पादक राज्य जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति में बाधा न डालें। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र और राज्यों के लिए अलग-अलग वैक्सीन की कीमतों पर सवाल उठाए थे।

बता दें कि बीते दिनों सीरम इंस्टीट्यूट ने भी कोविशील्ड वैक्सीन के दाम घोषित किए थे, लेकिन इसको लेकर एक नई बहस छिड़ गई थी। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट कर दावा किया था कि सीरम इंस्टीट्यूट केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को अलग-अलग दाम पर वैक्सीन दे रहा है, जो गलत है। ट्वीट में कांग्रेस नेता ने लिखा था, केंद्र सरकार को कोविशील्ड 150 रुपये प्रति डोज के हिसाब से मिलेगी। लेकिन राज्य सरकारों को 400 रुपये देने होंगे। ये संघीय ढांचे के लिए सही नहीं है। इससे राज्यों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा, जो बिल्कुल गलत है। हम मांग करते हैं कि केंद्र-राज्य सरकारों के लिए एक देश, एक दाम तय किए जाएं।