केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार मंत्रालय का कहना है कि कोरोना वायरस कोविड-19 की वैक्सीन की खुराक में कंपनियों की अदला-बदली प्रभावी नहीं है और किसी भी व्यक्ति को एक ही तरह की वैक्सीन की पूरी खुराक लेनी चाहिए, तभी वह प्रभावी साबित होगी। 

भारतीय औषधि महानियंत्रक ( डीसीजीआई) ने रविवार को जिन दो टीकों कोविशील्ड और कोवैक्सीन के आपात इस्तेमाल को मंजूरी दी है, वे दो खुराक वाली हैं। मंत्रालय का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को टीके की पहली खुराक जिस तरह की मिली है, उसे दूसरी खुराक भी उसी प्रकार की लेनी चाहिए क्योंकि कोई भी कोरोना वैक्सीन एक दूसरे का विकल्प नहीं हैं। मंत्रालय ने बताया कि वैक्सीन की पहली खुराक लेने के 28 दिन बाद दूसरी खुराक लेनी होगी। दूसरी खुराक लेने के दो सप्ताह के बाद व्यक्ति के शरीर में एंटीबॉडीज का पर्याप्त निर्माण होने लगता है।

गौरतलब है कि देश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार लगातार धीमी पड़ती जा रही है और पिछले एक सप्ताह में दूसरी बार 16 हजार के करीब नये मामले आये हैं तथा इस महामारी को मात देने वालों की दर में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 16,504 नये मामले सामने आये, जिससे संक्रमितों की कुल संख्या एक करोड़ तीन लाख 40 हजार से अधिक हो गयी है। इससे पहले 29 दिसम्बर को 16,432 मामले आये थे। पिछले 24 घंटों के 19,557 मरीजों के स्वस्थ होने से कोरोनामुक्त होने वालों की संख्या 99.46 लाख तथा रिकवरी दर बढकऱ 96.19 प्रतिशत हो गयी। सक्रिय मामले 3267 घटकर 2.43 लाख रह गये और इनकी दर 2.36 प्रतिशत रह गयी। इसी अवधि में 214 मरीजों की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा बढकऱ 1,49,649 हो गया है और मृत्यु दर अभी 1.45 फीसदी है।