भारत में भले ही अभी तक किसी कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत नहीं मिली हो, लेकिन इसके वितरण की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय वैक्सीन वितरण व्यवस्था को परखने के लिए जल्द ही इसका पूर्वाभ्यास कराने जा रहा है।

इसी बीच देश के पहले स्वदेशी टीके पर दूसरे चरण के तहत किए गए परीक्षण के परिणाम जारी किए जा चुके हैं। जिसके अनुसार कोरोना वायरस के टीके लगने के बाद एक साल तक यह लोगों का संक्रमण से बचाव कर सकता है। हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक और आईसीएमआर के सहयोग से तैयार टीका कम से कम 12 महीने तक कोरोना से सुरक्षित रख सकता है। टीका सभी उम्र के लोगों और महिला-पुरुषों में बराबरी से असरदार साबित हुआ है। 

केंद्र के विशेष समूह को भेजे इन परिणामों के अनुसार दूसरे चरण में 380 लोगों को कोरोना टीके की दो-दो खुराक दी गई। 190-190 लोगों के दो समूह बनाकर परीक्षण किया गया। दो खुराक चार हफ्तों के अंदर दी गई। इस दौरान लोगों में 100 दिन तक पर्याप्त मात्रा में एंटीबॉडी मिले हैं। अभी इस टीके पर तीसरा परीक्षण चल रहा है। जो 31 दिसंबर तक पूरा हो सकता है। माना जा रहा है कि पहले चरण के मुकाबले दूसरे चरण के परीक्षण में लोगों में न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडी की संख्या पाई गई है।