उत्तर प्रदेश में कोविड वैक्सीनेशन के पहले चरण की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि पहले चरण में निजी और सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ का वैक्सीनेशन किया जाएगा और दूसरे चरण में नगर निगम, सशस्त्र बलों और पुलिस के कर्मचारियों का वैक्सीनेशन किया जाएगा। तीसरे चरण में 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन दिया जाएगा।

कोरोना वैक्सीन के रखरखाव के लिए डीप फ्रीजर, कोल्ड बॉक्स और वैक्सीन कैरियर का सिस्टम 15 दिसंबर तक पूरा हो चुका है। जो लोग वैक्सीन देंगे, उनका प्रशिक्षण कार्यक्रम भी पहले चरण के लिए पूरा हो चुका है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. डी.एस. नेगी ने कहा, ‘‘सभी निजी और सरकारी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ का विवरण एकत्र किया गया है और उन्हें वैक्सीन देने के बाद लोगों को वैक्सीन देने वाले स्वास्थ्य कार्यकतार्ओं की पहचान की जाएगी।’’ राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश में 1.23 लाख लीटर कोरोना वैक्सीन के भंडारण की भी व्यवस्था की है।

नेशनल हेल्थ मिशन के महाप्रबंधक (वैक्सीनेशन) मनोज शुक्ला ने कहा, ‘‘सभी जिलों में कोल्ड चेन पॉइंट तैयार किए गए हैं और अब तक सरकारी और निजी अस्पतालों के पांच लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों के डेटा अपलोड किए जा चुके हैं, और 22 जिलों में कोरोना वैक्सीन रखने के लिए कमरे बनाए जा रहे हैं।’’शुक्ला ने कहा, ‘‘प्रशिक्षक स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण देंगे, जो वैक्सीन का लगाएंगे और कोरोना वैक्सीनेशन के बारे में उन्हें सभी जानकारी भी दी जाएगी।’’