भारत में कोविड-19 का टीका जब भी उपलब्ध होगा उसे सबसे पहले करीब एक करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों को लगाए जाएगा, जिसके लिए देशभर के 92 प्रतिशत सरकारी अस्पताल और 55 प्रतिशत निजी अस्पताल आंकड़े प्रदान कर रहे हैं। भारत में पांच टीकों पर काम जारी है, जिनमें से चार का दूसरे और तीसरे और एक का पहले और दूसरे चरण का ट्रायल चल रहा है।

सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मंगलवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर रहे हैं और इस दौरान टीके के वितरण को लेकर भी चर्चा की जा सकती है। राज्यों को डॉक्टरों, एमबीबीएस छात्रों, नर्सों और आशा कार्यकर्ताओं आदि सहित अग्रणी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की पहचान करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है ताकि यह प्रक्रिया और एक सप्ताह में पूरी की जा सके।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सभी सरकारी अस्पतालों के लगभग 92 फीसदी और निजी अस्पतालों में 55 फीसदी ने आंकड़े मुहैया कराए हैं। अन्य जानकारियां अगले सप्ताह तक आ जाएंगी। हमने सभी राज्यों से प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा है। सूत्रों ने बताया कि कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की मदद से केंद्र ने प्राथमिकता वाले लगभग 30 करोड़ लाभार्थियों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की है, जिन्हें शुरुआती चरण में टीके लगाए जाएंगे। बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा था कि 2021 की पहली तिमाही तक कोविड-19 का टीका आने की संभावना है।