विश्व में कोरोना महामारी पस्त करने को लेकर वैज्ञानिक तरह-तरह के जतन में जुटे हैं। इसी कड़ी में फिर उम्मीद की किरण दिखी है। इसी कवायद में जुटे वैज्ञानिकोंं को इम्यून सिस्टम मजबूत करने वाले एक प्रोटीन में कोरोना से मुकाबले की नई उम्मीद दिखी है। 

उन्होंने अध्ययन में पाया कि अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों को सांस के जरिए इस प्रोटीन की खुराक देने से संक्रमण को गंभीर होने रोका जा सकता है। इस तरीके से कोरोना के खिलाफ नए उपचार की राह खुल सकती है। जानकारी के मुताबिक लैंसेट रेस्परटोरी मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में बताया गया कि ब्रिटेन के नौ अस्पतालों में एक क्लीनिकल ट्रायल किया गया था। इसके आधार पर ये नतीजे सामने आए हैं। इसमें पाया गया कि प्रोटीन इंटरफेरॉन बीटा-1ए के जरिए संक्रमण के प्रभाव को कम किया जा सकता है।

ब्रिटेन की साउथैंप्टन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकोंं के अनुसार अस्पताल में मरीज इस उपचार की मदद से जल्द कोरोना से उबर सकते हैं। हालांकि इस नए उपचार पर अभी और अध्ययन किए जाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि इंटरफेरॉन बीटा में स्वाभाविक तौर पर प्रोटीन पाया जाता है। इस प्रोटीन की वायरल संक्रमण के खिलाफ इम्यून रिस्पॉन्स में अहम भूमिका होती है। पूर्व के अध्ययन में यह बात सामने आ चुकी है कि कोरोना वायरस प्रत्यक्ष रूप से इंटरफेरॉन बीटा के स्राव को रोक देता है। क्लीनिकल ट्रायल में भी कोरोना मरीजोंं में इस प्रोटीन की सक्रियता में कमी पाई गई है।