कोरोना वायरस के खिलाफ पूरी तरह स्वदेशी तौर पर विकसित कोवैक्सिन के मानव परीक्षण का तीसरा चरण जल्द ही यहां चिकित्सा विज्ञान संस्थान और एसयूएम अस्पताल में शुरू होगा। कोवैक्सीन के मानव परीक्षण के मुख्य जांचकर्ता डॉ वेंकट राव ने कहा कि देशभर में कोरोना वायरस के नये मामलों तथा महामारी से मौत के आंकड़े बढ़ रहे है। 

इस महामारी के खिलाफ जंग से निपटने के लिए एक उपयुक्त वैक्सीन की तलाश अपने अंतिम दौर पर है। आईएमएस और एसयूएम अस्पताल में सामुदायिक चिकित्सा विभाग में एक प्रोफेसर डॉ राव ने कहा कि आईएमएस और एसयूएम अस्पताल दोनों भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा देश भर में चुने गए 21 चिकित्सा संस्थानों की सूची में शामिल है, जहां तीसरे चरण का परीक्षण किया जाएगा। ओडिशा में यह एकमात्र अस्पताल है जिसे ट्रायल के लिए चुना गया है। आईसीएमआर और भारत बायोटेक द्वारा विकसित किए जा रहे स्वदेशी वैक्सीन को तीसरे चरण के परीक्षण की शुरुआत के लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की ओर से मंजूरी मिल गई है।

गौरतलब है कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण की रफ्तार धीमी होती जा रही है और एक दिन में सामने आने मामले 40 हजार से नीचे आ गए हैं और मृतकों का आंकड़ा लगातार दूसरे दिन 500 से नीचे रहा। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में कोरोना 36,470 नए मामले सामने आए जबकि 63,842 लोगों ने इस महामारी को मात दी। इससे सक्रिय मामले 27,860 घटकर 625,857 रह गए हैं। इस दौरान 488 मरीजों की मौत होने से इससे जान गवाने वालों की संख्या 119,502 हो गयी है। 

कारोना से अबतक 79.46 लाख लोग संक्रमित हुए है जिनमें से 72.01 लाख स्वस्थ्य हो चुके हैं। इससे स्वस्थ होने वालों की दर बढकऱ 90.62 प्रतिशत और सक्रिय मामलों की दर 7.88 प्रतिशत रह गयी है, जबकि मृत्यु दर 1.50 फीसदी है। कोरोना महामारी से सबसे अधिक प्रभावित महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों के दौरान सक्रिय मामलों में 6,344 की कमी आने के साथ इनकी संख्या घटकर 1,34,657 हो गयी हैं, जबकि 84 लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या 43,348 हो गयी है। वहीं इस दौरान 9,905 लोग स्वस्थ हुए हैं, जिससे इस महामारी से निजात पाने वाले लोगों की संख्या 14.70 से अधिक हो गयी है।