देश में इस समय कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 67 लाख से अधिक हो गई है और अब तक कोरोना के 9.6 करोड़ से अधिक टेस्ट किए जा चुके हैं तथा मरीजों की कुल पॉजिटिव दर 7.9 प्रतिशत है। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को नियमित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कोरोना मामलों की साप्ताहिक पॉजिटिव दर छह प्रतिशत और दैनिक पॉजिटिव दर 4.5 प्रतिशत है। 

देश में कुल कोरोना मामलों के मात्र 9.8 प्रतिशत ही सक्रिय मामले हैं। उन्होंने बताया कि पिछले हफ्ते 10.24 लाख से अधिक टेस्ट प्रतिदिन कराए गए थे और उससे पहले हफ्ते में यह संख्या 11 लाख से अधिक थी। देश में प्रति दस लाख की आबादी में कोरोना के 310 मामले देखे जा रहे हैं लेकिन विश्व के कईं देश ऐसे हैं, जहां कोरोना के मामलों में बढोत्तरी हो रही है। इनमें अमेरिका में प्रति दस लाख आबादी 1,153, ब्रिटेन में 1,746 तथा फ्रांस में 2,457 मामले देखे जा रहे हैं और इनमें फिर से बढ़ोत्तरी देखी गई है।

उन्होंने बताया कि देश में प्रति दस लाख की आबादी में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या भी काफी कम हैं और यह आंकड़ा 83 व्यक्ति प्रति दस लाख आबादी है जबकि विश्व के अन्य देशों में यह 150 से 700 के बीच प्रति दस लाख की आबादी पर देखा गया है और वैश्विक औसत 142 व्यक्ति प्रति दस लाख आबादी है। देश में कोरोना के मरीजों के ठीक होने की दर में भी लगातार इजाफा हो रहा है और यह एक सितंबर को 77 प्रतिशत थी जो आज बढ़कर 88 प्रतिशत से अधिक हो गई है। इसके अलावा कोरोना के सक्रिय मामलों में भी गिरावट दर्ज की जा रही है और एक सितंबर को कुल सक्रिय मामले आठ लाख से अधिक थे जो आज कम होकर सात लाख 48 हजार रह गए है और यह पहला मौका है जब 84 दिनों के बाद कोरोना मामलों की संख्या घटकर प्रतिदिन 50 हजार से कम हो गई है। 

एक सितंबर को देश में कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा 1.77 प्रतिशत था जो अब घटकर 1.52 प्रतिशत हो गया है। कोरेाना से होने वाली मौतों का आंकड़ा 25 मार्च को 2.31 प्रतिशत, 27 मार्च को 2.18 प्रतिशत था। उन्होंने बताया कि देश के छह राज्यों में कोरोना के कुल मामलों का 64 प्रतिशत योगदान है और इनमें महाराष्ट्र 23.28 प्रतिशत, कर्नाटक 14.19 और केरल 12.4 प्रतिशत है । इनके बाद तमिलनाडु 5़.09, आंध्रप्रदेश 4.68 प्रतिशत तथा पश्चिम बंगाल 4.62 प्रतिशत है तथा शेष राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में कोरोना के 35.75 प्रतिशत मरीज हैं। भूषण ने बताया कि देश में ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड्स पर मरीजों की संख्या सितंबर माह में अधिक थी और एक सितंबर को ऐसे मरीजों की संख्या 43 हजार से अधिक थी और 25 सितंबर को यह बढ़कर 75 हजार हो गई, लेकिन अब इसमें गिरावट दर्ज की गई और अब यह 57 हजार से थोड़ी अधिक है। उन्होंने आश्वस्त किया कि देश में कोरोना मरीजों के उपचार में काम आने वाली मेडिकल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।