भारत में कोरोना संक्रमण की रफ्तार सुपर स्पीड पकड़ चुकी है और इसी रफ्तार का दुष्प्रभाव है कि वयस्कों में भी कोरोना का संक्रमण बढ़ा है और भारत में कोरोना फैलने की रफ्तार अमरीका के बराबर हो गई है। इतना ही नहीं अगस्त 2020 तक 10 साल से ज्यादा की उम्र का हर 15वां शख्स कोरोना की चपेट में आ चुका है। हाल ही में जारी हुई आईसीएमआर की दूसरी नेशनल सीरो रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। 

गौरतलब है कि सितंबर महीने में आखिरी हफ्तों में हर दिन तकरीबन एक लाख नए पॉजिटिव मामले सामने आने लगे थे। हालांकि कोरोना से होने वाली मौतों में कमी आई है। सितंबर में देशभर में करीब 3 करोड़ कोरोना टेस्ट हुए हैं। देश में प्रति 10 लाख आबादी पर टेस्ट की संख्या 50 हजार के आंकड़े को पार कर गई है। भारत में मई महीने में पहला सीरो सर्वे किया गया था और अब दूसरे सीरो सर्वे की रिपोर्ट आई है। इस सर्वे से पता चलता है कि इस बार वयस्कों में भी कोरोना का संक्रमण बढ़ा है और भारत का संक्रमण प्रसार 9.3 प्रतिशत के साथ अमरीका जैसे देशों के बराबर है। वहीं ब्राजील में 2.8 प्रतिशत और स्पेन में 4.6 प्रतिशत है।

शहरों में सीरो सर्वेक्षणों से पता चलता है कि दिल्ली में पहले दो सर्वेक्षणों में 23.5 प्रतिशत और 29.1 प्रतिशत का संक्रमण का प्रचलन था। मुंबई में मलिन बस्तियों में 57.8 प्रतिशत और गैर-मलिन बस्तियों में 17.4 प्रतिशत, चेन्नई में 21.5 प्रतिशत, अहमदाबाद में 17.6 प्रतिशत, पुदुचेरी में 22.7 प्रतिशत और इंदौर में 7.8 प्रतिशत का संक्रमण था। यह सर्वेक्षण 17 अगस्त से 22 सितंबर के बीच किया गया था।

दूसरे सीरो सर्वे में वयस्कों में संक्रमण में 7.1 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जोकि मई में हुए पहले सीरो सर्वे से 0.7 प्रतिशत से ऊपर है। शहरी झुग्गी बस्तियों में 15.6 प्रतिशत और गैर-मलिन बस्तियों में 8.2 प्रतिशत संक्रमण था। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में इसका प्रसार 4.4 प्रतिशत कम था। डीजी आईसीएमआर बलराम भार्गव ने राज्य सरकारों से अपील की है कि आगामी त्योहारी सीजन, सर्दी के मौसम को देखते हुए वे खास सतर्कता बरतें। राज्य सरकारों को नई कंटेनमेंट स्ट्रेटिजी को अपनाना होगा।

सितंबर महीने में देशभर में करीब 3 करोड़ कोरोना टेस्ट हुए हैं। देश में प्रति 10 लाख आबादी पर टेस्ट की संख्या 50 हजार के आंकड़े को पार कर गई है। प्रति 10 लाख आबादी पर मृतकों की संख्या भारत में पूरी दुनिया में सबसे कम है। इसके अलावा भारत में अब तक 51 लाख कोरोना मरीज पूरी तरह ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जो पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा है।