कोरोना वायरस ‘कोविड 19’ के मद्देनजर हवाई परिवहन पर दुनियाभर में जारी प्रतिबंधों से ढाई करोड़ लोगों की रोजी-रोटी छिनने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आयटा) की रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार मिलाकर विमानन क्षेत्र में करीब 6.55 करोड़ लोग काम करते हैं। यदि हवाई यातायात पर मौजूदा कड़े प्रतिबंध तीन माह भी रहते हैं तो इनमें से 2.5 करोड़ लोगों का रोजगार छिन जाएगा।

परिवहन संघ की रिपोर्ट के अनुसार एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 1.12 करोड़ लोगों की रोजी जाएगी, जिसमें भारत भी शामिल है। यूरोप में 56 लाख, लातिन अमेरिका में 29 लाख, उत्तरी अमेरिका तथा अफ्रीका में 20-20 लाख और अरब देशों में नौ लाख लोगों के बेरोजगार होने का खतरा है। आयटा का अनुमान है कि विमान सेवा कंपनियों को इस साल 252 अरब डॉलर का राजस्व नुकसान हो सकता है, जो उनके कुल राजस्व का 44 प्रतिशत है। आयटा ने सरकारों से एयरलाइन्स को सीधे वित्तीय सहायता के साथ ही ऋण गारंटी और कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार को समर्थन देने की मांग की है।

आयटा के महानिदेशक एलेक्जेंडर डी जुनैक ने कहा कि विमानन उद्योग को इतना बड़ा झटका पहले कभी नहीं लगा है। इसलिए इसे यहां से दुबारा शुरू करने का हमारे पास कोई अनुभव नहीं है। यह काफी जटिल काम होगा। उन्होंने कहा कि दुबारा शुरू होने पर यह उद्योग पहले जैसा नहीं रह जाएगा। उनका मानना है कि विमान सेवा कंपनियां दुनिया को जोड़ेंगी जरूर, लेकिन उनके कारोबार का मॉडल अलग होगा। उद्योग को कम समय में खुद को ढालना होगा।