उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस को साफ निर्देश दिये है कि लोगों की सुरक्षा की खातिर डाक्टरों, पुलिसकर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर हमला करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत मामला दर्ज करें। 

आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सरकार ने आदेश जारी किया है कि लाकडाउन के दौरान अगर कोई चिकित्सक,पुलिसकर्मी अथवा सामाजिक कार्यकर्ता पर हमला करता है तो उसके खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाये। अलीगढ़ से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार बन्नादेवी क्षेत्र में गुरूवार को पुलिस पर पथराव करने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। 

पुलिस क्षेत्राधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने कहा  ये लोग बन्नादेवी में स्थित एक मस्जिद में नमाज पढ़ रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर उनको समझाने की कोशिश की जिस पर उन्होने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। गाजियबाद से प्राप्त रिपोर्ट मे कहा गया है कि एमएमजी अस्पताल में डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ से बदसलूकी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गयी है। 

बाद में सभी को राजकुमार गोयल तकनीकी संस्थान क्वारंटीन में भेज दिया गया। इससे पहले बुधवार को मुजफ्फरनगर जिले के मोरना में लाकडाउन का उल्लघंन कर रही भीड़ को रोकने पर हुये पथराव में एक उपनिरीक्षक और कांस्टेबल घायल हो गये थे। रामपुर,बरेली,बिजनौर समेत कुछ अन्य शहरों सेे भी धार्मिक स्थलो में छिपे लोगों द्वारा पुलिस पर हमला करने की रिपोर्ट मिली हैं।