उत्तर प्रदेश के शामली जिले में अवसाद से ग्रसित एक कोरोना संदिग्ध ने गुरूवार को अस्पताल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बताया कि कोरोना वायरस के लक्षण मिलने पर करीब 40 वर्षीय मरीज को पिछली 31 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि अस्पताल आने के बाद ही कंधाला क्षेत्र का निवासी अवसाद में था। 

उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था। आज सुबह उसने छत के कुंडे से लटक कर अपनी जान दे दी। संदिग्ध के नमूने को परीक्षण के भेजा गया था हालांकि उसकी रिपोर्ट अब तक नहीं मिली है। गौरतलब है कि दो दिन पहले यहां कोरोना वायरस के खौफ से एक लिपिक ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी।

उधर, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात के मरकज से लौटे तीन लोग गया में मिले हैं। जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने आज यहां बताया कि मरकज में आयोजित धार्मिक सभा में गया जिले के कुल नौ लोग शामिल हुए थे, जिन्हें चिन्हित करते हुए तीन लोगों को होम क्वारंटाइन किया गया है। साथ ही उनकी पूरी जांच कराई गई है। उनमें कोरोना वायरस से संक्रमित होने के लक्षण नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि गया के अन्य छह लोगों को दिल्ली में क्वारंटाइन किया गया है। उनकी भी जांच की गई है। सिंह ने कहा कि इनके अलावा उस कार्यक्रम में 10 विदेशी भी शामिल हुए थे, जो कार्यक्रम खत्म होने के बाद गया आए थे, लेकिन, सभी विदेशी 09 मार्च को ही वापस अपने देश जा चुके हैं। 

इस तरह से गया में अब ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जो तब्लीगी जमात में शामिल हुआ हो और वह कहीं छुप कर रह रहा हो। उन्होंने लोगों से करते हुए कहा कि किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। यदि लोगों को कोई जानकारी मिलती है तो वे इसकी सूचना जिला नियंत्रण कक्ष को दें।