झारखंड में कोरोना से संक्रमित होने की आशंका में 19 संदिग्धों के रक्त के नमूने की जांच कराई गई, जिनमें से 17 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव रही है वहीं दो की रिपोर्ट आनी बाकी है। मुख्य सचिव डॉ. डी. के. तिवारी ने बताया कि आशंका के आधार पर झारखंड के 19 लोगों के रक्त का नमूना लिया गया है। उनमें से 17 की जांच रिपोर्ट निगेटिव निकली है। दो सैंपल की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है। 

उन्होंने कहा कि पहले सैंपल की जांच राज्य के बाहर हो रही थी, लेकिन अब जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) अस्पताल में भी जांच की व्यवस्था करा दी गई है। डॉ. तिवारी ने कोरोना वायरस को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि वे इसे हौवा न बनने दें। आम जनता तक सही सूचना पहुंचे, इसे सुनिश्चित करें। साथ ही अफवाहों पर नजर रखें और इस रोग से बचाव और एहतियात को लेकर आमजनों को लगातार जागरूक करें। 

डॉ. तिवारी ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के उपायों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का निर्देश देते हुए इस रोग से बचाव में साफ-सफाई को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने सभी उपायुक्तों को विशेषकर नगरपालिका क्षेत्रों में साफ-सफाई पर फोकस करने और जागरूकता के लिए सामाजिक संगठनों के साथ बैठकें करने और पंचायत स्तर पर ग्राम सभा करने का निर्देश दिया। साथ ही तैयारी के तहत हर जिला अस्पताल में 5 बेड का और मेडिकल कॉलेजों में 8-10 बेड का आइसोलेशन वार्ड यथाशीघ्र बना लेने का निर्देश दिया। 

वहीं कोरोना वायरस से संक्रमण के संभावितों की देखरेख के लिए 20 मार्च को जिले में होनेवाले प्रशिक्षण को लेकर भी निर्देश देते हुए कहा कि तैयारी के तहत मॉक ड्रिल भी करें। किसी भी स्थिति में किसी संक्रमित व्यक्ति को लेकर हौवा नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि मास्क लगाने की जरूरत सभी को नहीं बल्कि सिर्फ संक्रमित व्यक्ति और उनके इलाज में जुटे मेडिकल कर्मचारियों को है। मुख्य सचिव डॉ. तिवारी की अध्क्षता में संपन्न बैठक में अपर मुख्य सचिव इंदु शेखर चतुर्वेदी, प्रधान सचिव ए. पी. सिंह, नितीन मदन कुलकर्णी, सचिव राहुल शर्मा, प्रवीण टोप्पो, के. के. सोन, अमिताभ कौशल, अबुबक्र सिद्दीकी पी। समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

अब हम twitter पर भी उपलब्ध हैं। ताजा एवं बेहतरीन खबरों के लिए Follow करें हमारा पेज :  https://twitter.com/dailynews360