दुनियाभर में 3 हजार से ज्यादा जानें ले चुका कोरोना वायरस अब भारत में फैल रहा है। देश में अबतक इसे 29 मामले सामने आ चुके हैं जो पॉजेटिव हैं। इसमें से 23 को सिर्फ बुधवार को आए। केंद्र और राज्य सरकारें इसके लिए पूरी तरह सतर्क हैं। एयरपोर्ट, बंदरगाहों पर भी तैयारियां पूरी हैं। अब हर आनेवाले शख्स की थर्मल स्क्रीनिंग के निर्देश है। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने ने सरकारी की तैयारी का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार इसकी रोकथाम के लिए हर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पीएम खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने इसे रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। मैं हर दिन समीक्षा कर रहा हूं। एक मंत्रीसमूह बनाया गया है। 3 फरवरी के गठन के बाद इसकी चार बैठक हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कै कि WHO ने कोरोना वायरस को पब्लिक हेल्थ इमर्जेंसी घोषित किया है हालांकि इसे महामारी नहीं घोषित किया है। भारत ने 17 जनवरी से तैयारी शुरू कर दी थी, तब WHO ने सलाह जारी नहीं की थी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 3 केस में रिकवरी हो चुकी है। पिछले तीन दिनों में नए मामले सामने आए हैं। 1 केस दिल्ली में सामने आया जो जो इटली से आया था। 1 व्यक्ति हैदराबाद में संक्रमित पाया गया जो दुबई से लौटा है। 6 लोग आगरा में संक्रमित पाए गए, जो दिल्ली के मरीज के संपर्क में आए थे। इटली के पर्यटक और उनकी पत्नी राजस्थान में भर्ती हैं, इनके साथ के 14 अन्य सदस्य और 1 भारतीय ड्राइवर भी कोरोना से संक्रमित हैं। एक अन्य युवक कल दिल्ली में संक्रमित मिला है जो इटली से आया था। सभी की हालत स्थिर है।

गुडग़ांव में बुधवार शाम पेटीएम कंपनी ने अपने एक कर्मचारी के इस वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि की। यह 29वां शख्स था जो पॉजेटिव पाया गया। सरकार ने बताया है कि पॉजेटिव पाए गए लोगों के संपर्क में आए 27, 000 लोगों पर निगरानी है। विदेश मंत्रालय ने बताया है कि देश से बाहर रह रहे 17 भारतीयों को कोरोना पॉजेटिव पाया गया है। इसमें 16 लोग जापान से एक जहाज में थे। वहीं एक यूएई में रह रहे शख्स को भी कोरोना। वहीं दुबई से लौटे पंजाब के  मोगा के नौजवान में कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई दिए। इसके बाद इलाज करवाने के लिए परिवार वाले उसे मोगा के सिविल अस्पताल लेकर आए। 

परीक्षण होने के बाद जब चिकित्सक ने आइसोलेशन वार्ड में रखने की सलाह दी तो युवक घबरा गया। युवक को लगा कि उसे कोरोना वायरस का संदिग्ध मरीज समझा जा रहा है। इसके बाद वह अस्पताल से भाग गया। पुलिस उसे तलाश कर रही है। बता दें कि न्यूजीलैंड से लौटे युवक में कोरोना वायरस के लक्षण दिखे थे। उसके रक्त का नमूना लेकर दिल्ली भेजा था। वह भी अस्पताल से फरार हो गया था, लेकिन बाद में काबू कर लिया गया था। इधर सिंगापुर से आए एक व्यक्ति को कोरोना वायरस का संदिग्ध मरीज मानते हुए उसकी जांच की गई। हालांकि उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई लेकिन उसे वापस सिंगापुर भेज दिया गया।

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