हिमाचल प्रदेश में दूसरी लहर ज्यादा घातक सिद्ध हुई है और इसमें तीन महीने में ही सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1935 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में कोविड-19 का पहला मामला लगभग 15 माह पहले सामने आया था और पहली लहर के दौरान लगभग 12 महीनों में 982 लोगों की मौत हुई थी, जबकि फरवरी के बाद आई दूसरी लहर में यह आंकड़ा लगभग दुगना है।

यही स्थिति कुल संक्रमितों की संख्या की है। पहली लहर में जहां 58403 कोरोना पॉजिटिव मामले आये थे वहीं दूसरी लहर में यह संख्या दुगनी से ज्यादा होकर 125944 हो गई। प्रवक्ता ने हालांकि दावा किया कि प्रदेश सरकार ने दूसरी लहर के दौरान आवश्यकता के अनुसार अधोसंरचना तथा विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाया। उन्होंने बताया कि पहली लहर के दौरान लगभग एक साल में कुल 10 लाख 63 हजार 922 टेस्ट किये गये थे लेकिन दूसरी लहर आने के बाद तीन महीने में अब तक 8 लाख 895 टेस्ट किए जा चुके हैं। 

टीकाकरण की स्थिति के बारे में उन्होंने बताया कि 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 18 लाख 77 हजार 950 लोगों को कोविशील्ड की पहली खुराक दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर के दौरान प्रदेश में कोविड समर्पित स्वास्थ्य संस्थानों की संख्या में वृद्धि भी की गई है। प्रदेश में इस साल एक मार्च तक 11 ऐसे संस्थान थे, जिनमें 440 बिस्तर तथा 32 आईसीयू बिस्तर उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान में प्रदेश में 56 कोविड समर्पित स्वास्थ्य संस्थानों में कुल 3860 बिस्तर तथा 291 आईसीयू बिस्तरों की सुविधा प्रदान की जा रही हैं।