दिल्ली सरकार चाहती है कि कोविशील्ड और कोवैक्सीन के अलावा रुस की स्पूतनिक वैक्सीन भी दिल्लीवालों को मिले। दिल्ली सरकार ने जहां पत्र लिखकर कोविशील्ड और कोवैक्सीन की 67-67 लाख वैक्सीन मांगी है। वहीं अब लगभग इतनी ही वैक्सीन के लिए स्पूतनिक को भी लिखा है। इस विषय पर शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं समझता हूं कि जैसे-जैसे वैक्सीन की उपलब्धता बढ़ेगी, वैसे-वैसे वैक्सीनेशन का कार्यक्रम भी अपनी गति पकड़ेगा। सीएम ने कहा कि स्पूतनिक कंपनी से संपर्क किया गया है। डॉ रेड्डी कंपनी के भारत में डीलर है। हमने डॉ रेड्डी को पत्र लिखा है, लेकिन अभी उनकी तरफ से कोई ठोस जवाब नहीं आया है कि वे कितनी वैक्सीन कब दे सकते हैं।

केजरीवाल ने कहा कि हम लोगों ने कोविशील्ड की 67 लाख, कोवैक्सीन की भी 67 लाख वैक्सीन मांगी है और लगभग इतनी ही स्पूतनिक वैक्सीन के लिए भी लिखा है कि कितनी दे सकते हैं और कब-कब दे सकते हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पालिका केंद्र में इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भी दौरा किया। इस सेंटर पर कोरोना से संबंधित हर तरह का डेटा वास्तविक समय के आधार पर एकत्र किया जाएगा। यहां अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन, वैक्सीनेशन और कोविड प्रबंधन से संबंधित डेटा को एकत्र कर मिलान और विश्लेषण किया जा सकेगा।

सीएम ने कहा कि अगर सरकार हवा में निर्णय लेगी है, तो वह कभी भी सफल नहीं होंगे, लेकिन वही निर्णय डेटा के आधार पर लेगी, तो वह सार्थक और प्रभावशाली होंगे। हम कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर तैयार हैं। हमने अभी एक हजार आईसीयू बेड बढ़ाए हैं और आगे भी हमारी तैयारी जारी रहेगी। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, दिल्ली सरकार ने एक एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) शुरू किया है। यहां अस्पतालों, ऑक्सीजन, टीकाकरण और कोविड प्रबंधन के अन्य पहलुओं से संबंधित डेटा को वास्तविक समय के आधार पर एकत्र, मिलान और विश्लेषण किया जाता है। यह हमें निर्णय लेने में मदद करेगा। इस दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस सेंटर में पूरी दिल्ली से कोरोना से संबंधित किस्म-किस्म का डेटा वास्तविक समय के आधार पर एकत्र किया जाएगा। वास्तविक समय (रियल टाइम) का मतलब यह है कि अभी इस वक्त कहां पर क्या चल रहा है, वह इस सेंटर में एकत्र होगा।

अगर ऑक्सीजन की बात करें, तो इस वक्त किस अस्पताल में कितनी ऑक्सीजन है, कौन सा ऑक्सीजन का टैंकर निकल चुका है और वह कहां तक पहुंचा है, उसकी जीपीएस से ट्रैकिंग होगी। वहीं, अगर अस्पतालों की बात करें, तो इस वक्त किस अस्पताल में कितने बेड खाली हैं, कितने आईसीयू के बेड खाली हैं, कितने ऑक्सीजन के बेड खाली हैं। उसी तरह, कितने लोगों को वैक्सीन लग चुकी है, कितने लोगों को किस उम्र समूह (एज ग्रुप) में वैक्सीन लग चुकी है। इस सेंटर पर वैक्सीन, ऑक्सीजन और हॉस्पिटल से संबंधित डेटा एकत्र होगा। साथ ही, किस एरिया में कितने मरीज हैं, कितने एक्टिव मरीज है और कितने मरीज ठीक हो चुके हैं, यह सारा डेटा यहां पर एकत्र होना शुरू हुआ है। सीएम ने कोरोना के तीसरी लहर के संबंध में कहा कि हम पूरी तरह से तैयार हैं। हमने एलएनजेपी के सामने 500 आईसीयू बेड चालू किए हैं। तीन दिन पहले भी हमने 500 आईसीयू बेड चालू किए थे। साथ ही, हम लोग अभी और नए ऑक्सीजन बेड बनाने जा रहे हैं।