देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना की पांचवीं लहर की चेतावनी विशेषज्ञों ने दी है। उनका मानना है कि अगर अब भी लापरवाही बरती गई तो पांचवीं लहर भी आ सकती है। यह कितनी घातक होगी, इसके बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। 

विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली में जांच के ग्राफ पर भी सवाल उठने लगे हैं। यहां अचानक से अत्यधिक जांच होने लगती हैं और फिर एक दो दिन में 50 फीसदी तक नीचे आ जाते हैं। 11 अप्रैल को 1.14 लाख सैंपल की जांच हुई थी। इसके बाद 14 अप्रैल को 1.08 लाख लेकिन उसके बाद से अब तक एक लाख के करीब जांच नहीं हुई है।

एक्सपट्र्स के मुताबिक पिछले कुछ दिन से राजधानी में कोरोना के नए मामले कम आने लगे हैं, जिससे दो बातें स्पष्ट होती हैं। पहला यह कि वर्तमान स्थिति से बाहर आने की ओर बढ़ते जा रहे हैं। वहीं दूसरा यह कि बाहर निकलने के बाद हमने कोविड सतर्कता नियमों का पालन बरकरार नहीं रखा तो संक्रमण की पांचवीं लहर आने से कोई रोक नहीं सकता है। यह लहर कितनी प्रभावी होगी। इसके बारे में कोई वैज्ञानिक नहीं जानता।