ब्रिटेन के एक मंत्री के बयान के बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मचा हुआ है। मिनिस्टर के मुताबिक पूरी दुनिया कोरोना वायरस के 4 हजार वेरिएंट का सामना कर रही हैं, जिसके बाद वैक्सीन बनाने वाली कंपनियां भी अपनी दवा को और बेहतर करने में जुट गई हैं तो वहीं सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और यूनिसेफ के बीच वैक्सीन को लेकर एक बड़ी डील भी हुई है। इससे पहले कोरोना का नया स्ट्रेन जो ब्रिटेन, साउथ अफ्रीका और ब्राजील में देखने को मिला था, वो भी उन हजारों तरह के वायरस में से एक था।

एक रिपोर्ट के मुताबिक मिनिस्टर नादिम जहावी ने बताया कि यह बहुत कम संभावना है कि मौजूदा वैक्सीन कोरोना के अलग-अलग प्रकारों पर प्रभावशाली रूप से असरदार साबित होगी। उन्होंने बताया कि कोरोना के 4 हजार वेरिएंट को देखते हुए Pfizer-BioNTech, Moderna, Oxford-AstraZeneca सहित वैक्सीन बनाने वाली सभी कंपनियों ये रिसर्च में जुट गई है कि दवा में क्या सुधार किया जा सकता है, जिससे असर कोरोना के सभी तरह के वेरिएंट पर हो सकें।

हालांकि इससे पहले ये भी दावा किया गया था कि Oxford-AstraZeneca वैक्सीन की पहली डोज 76 फीसदी असरदार है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की नई स्टडी में सामने आया था कि वैक्सीन का पहला डोज वायरल ट्रांसमिशन को 67 फीसदी कम करने में असरदार है, जबकि वैक्सीन के एक डोज से 22 से 90 दिनों के बीच 76 फीसदी तक का असर देखा गया है। आपको बता दें कि भारत में भी सीरम इंस्टीट्यूट ने ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका के साथ करार कर कोविशील्ड वैक्सीन बनाई है, जिसको भारत में उपयोग की मंजरी मिली थी। कोविशील्ड वैक्सीन ही स्वास्थ्यकर्मियों को लगाई जा रही है। इसके अलावा भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को भी देश में इस्तेमाल की मंजूरी मिली है।