बिहार में कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए राज्य भर में लगाए गए संपूर्ण लॉकडाउन के बाद संक्रमित मरीजों की संख्या घटी है तो रिकवरी रेट में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकडों पर गौर करें तो राज्य में 30 अप्रैल को 15,853 संक्रमितों की पहचान हुई थी तो 11,194 लोग कोरोना को मात देकर स्वस्थ भी हुए थे। इस दिन का रिकवरी रेट 77.05 प्रतिषत दर्ज किया गया था, जबकि सोमवार को यानी 10 मई को राज्य का रिकवरी रेट 81.97 प्रतिशत दर्ज किया गया।

स्वास्थ्य विभाग के आंकडों से यह स्पष्ट है कि राज्य में लॉकडाउन लगाए जाने के बाद मरीजों में गिरावट आई है वहीं रिकवरी रेट में वृद्धि दर्ज की जा रही है। इस महीने की शुरूआत में यानी एक मई को बिहार का रिकवरी रेट 77.10 प्रतिषत दर्ज किया गया था जबकि पांच मई को यह बढकर 78.38 प्रतिशत तक पहुंच गया। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सात मई को राज्य में 13,466 नए संक्रमितों की पहचान हुई थी जबकि इस दिन 13,489 लोग स्वस्थ भी होकर अपने घर वापस हुए थे। इस दिन रिकवरी रेट बढकर 79.12 प्रतिशत तक पहुंच गया।

इसी तरह एक दिन बाद यानी आठ मई को रिकवरी रेट बढकर 79.97 प्रतिषत तक पहुंच गया। बिहार में नौ मई को रिकवरी रेट 80.71 प्रतिषत तक दर्ज किया गया। राज्य में सोमवार को कोरोना संक्रमण के 10,174 नए मामले सामने आने के बाद राज्य में कोरोना के एक्टिव (सक्रिय) मरीजों की संख्या 1,05,103 पहुंच गई है। सोमवार को 15,800 लोग कोरोना संक्रमण से मुक्त हो कर अपने घर लौट गए हैं, राज्य में रिकवरी रेट 81.97 प्रतिशत तक पहुंच गया। उल्लेखनीय है कि बिहार में कोरोना संक्रमण की रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने पांच मई से 15 मई तक राज्य में संपूर्ण लॉकडाउन लगाया है। इसके बाद जहां जांच की रफ्तार बढ़ाई गई है वहीं संक्रमण की दर में भी गिरावट दर्ज की गई है।