बिहार में कोरोना मरीजों की संख्या में हो रही वृृद्धि के कारण सक्रिय मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। पिछले तीन दिनों के अंदर तीन गुना मरीजों की पहचान हुई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकडों के मुताबिक राज्य में 15 मार्च को जहां 26 मरीजों की पहचान की गई थी, वहीं 20 मार्च को 88 कोविड-19 के मरीज मिले थे। इसी तरह 23 मार्च को 111 मरीजों की पहचान हुई जबकि 24 मार्च को 170 व 25 मार्च को 258 संक्रमितों की पुष्टि हुई।

मरीजों की संख्या बढऩे के कारण सक्रिय मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। बिहार में 15 मार्च को जहां 327 सक्रिय मरीज थे वहीं 20 मार्च को कोविड-19 के सक्रिय मरीजों की संख्या बढकर 472 हो गई। इसी तरह 23 मार्च को सक्रिय मरीजों की संख्या 623 हो गई तथा 24 मार्च को यह संख्या 726 तथा 25 मार्च 924 तक पहुंच गई। इस बीच, होली पर्व के मौके पर अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग सशंकित है। बिहार के काफी लोग अन्य राज्यों में रहते हैं। होली पर्व में लोग अपने घर आते हैं।

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि सभी रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड और हाट बाजारों में रैंडम कोरोना जांच की जा रही है। अन्य राज्यों से आने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है। इधर, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि कोरोना को लेकर लोगों को सचेत और जागरूक रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह से सजग है। राज्य में सबसे अधिक सक्रिय मरीजों की संख्या पटना में है। गुरुवार को पटना में 54 संक्रमितों की पहचान की गई, जिससे पटना में सक्रिय मरीजों की संख्या बढकऱ 382 हो गई है। राहत की बात है कि राज्य में संक्रमित मरीजों के स्वस्थ होने की दर 99.06 प्रतिशत है। बिहार में 2 करोड़ 33 लाख 75 हजार 172 सैंपलों की जांच हो चुकी है, जिसमें से 2 लाख 64 हजार 198 लोगों को अब तक संक्रमित पाया गया है। बिहार में अब तक 1,567 संक्रमितों की मौत हो चुकी है।