बिहार सरकार ने दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में आने वाले लोगों से कोरोना संक्रमण के संभावित प्रसार को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग काराओं में बंद लगभग 40 हजार कैदियों को संक्रमित होने से बचाने के उद्देश्य से नए बंदियों को अलग रखने के लिए 12 अलग जेल की व्यवस्था की है। कारा महानिरीक्षक मिथिलेश मिश्र ने बताया कि वर्तमान में राज्य में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है, साथ ही लॉकडाउन के कारण फंसे लोग भी बिहार आ रहे हैं। ऐसे में नए बंदियों के माध्यम से राज्य की जेलों में कोरोना संक्रमण के पहुंचने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। 

उन्होंने बताया कि इस संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए 30 जून 2020 तक नए बंदियों को अन्य कैदियों से अलग रखने के लिए उनके जिले के आस-पास कुल 12 अलग जेल को चिन्हित कर लिया गया है। मिश्र ने कहा कि पटना उच्च न्यायालय से नए बंदियों को अलग जेल में रखने की अनुमति दिए जाने के साथ ही इस संबंध में संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा, इस संबंध में मेरे स्तर से 08 मई 2020 को उच्च न्यायालय के महानिबंधक को अनुरोध पत्र भेजा गया है। जैसे ही अनुमति दिए जाने का निर्देश मुझे प्राप्त होगा वैसे ही राज्य में चिन्हित 12 जेलों में नए बंदियों को रखना शुरू कर दिया जाएगा। कारा महानिरीक्षक ने बताया कि पटना और नालंदा जिले के नए बंदियों के लिए दानापुर उपकारा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास एवं कैमूर के लिए बिक्रमगंज उपकारा, गोपालगंज, सीवान और छपरा के लिए गोपालगंज मंडल कारा के नवनिर्मित खंड, पूर्वी चंपारण एवं पश्चिम चंपारण के लिए मोतिहारी केंद्रीय कारा का दीवानी कारा खंड एवं नवनिर्मित मुलाकाती भवन परिसर तथा मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी एवं शिवहर के नए बंदियों को बेनीपुर उपकारा में रखने की व्यवस्था की गई है।  

कारा महानिरीक्षक ने बताया कि इसी तरह समस्तीपुर, वैशाली, बेगूसराय एवं खगड़यिा के लिए रोसड़ा उपकारा का नवनिर्मित खंड, सहरसा, मधेपुरा एवं सुपौल के लिए वीरपुर उपकारा, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज एवं अररिया के लिए पूर्णिया केंद्रीय कारा का नवनिर्मित खंड तथा भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, जमुई एवं शेखपुरा के नए बंदियों को मुंगेर मंडल कारा का नवनिर्मित खंड में रखा जाएगा। मिश्र ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए नई महिला बंदियों को भी अलग जेल में रखने का इंतजाम किया गया है। गोपालगंज, सीवान, छपरा, मोतिहारी, बेतिया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, समस्तीपुर, वैशाली, बेगूसराय, खगड़यिा, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज एवं अररिया समेत उत्तर बिहार के सभी जिलों की नई महिला बंदियों के लिए बेनीपुर उपकारा के महिला खंड में रखने की व्यवस्था की गई है। कारा महानिरीक्षक ने बताया कि पटना, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, जमुई, शेखपुरा, गया, जहानाबाद, नवादा, औरंगाबाद एवं अरवल समेत दक्षिण बिहार के सभी जिले की नई महिला बंदियों को पटना सिटी उपकारा में रखा जाएगा। इस बीच दरभंगा, सुपौल और बक्सर समेत अन्य जिलों से यहां प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक चिन्हित जेलों में नए बंदियों को रखने का इंतजाम किया जा रहा है। वहीं, बक्सर केंद्रीय कारा से करीब 100 कैदियों को दूसरी जेल में शिफ्ट करने की भी तैयारी की जा रही है।