बिहार में कोरोना संक्रमित चौथे मरीज की आज राजधानी पटना के नालंदा चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (एनएमसीएच) में मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने यहां बताया कि सीतामढ़ निवासी 45 वर्षीय एक कोरोना संक्रमित की एनएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से फेफड़े के कैंसर रोग से पीड़ित था। 

कुमार ने बताया कि कैंसर पीड़ित मरीज 28 अप्रैल को मुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पताल से सीतामढ़ी पहुंचा था । तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उसे 30 अप्रैल को एनएमसीएच में भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि स्वाब सैंपल जांच के दौरान उसे कोरोना से संक्रमित भी पाया गया था। इलाज के दौरान हृदय गति रुकने से आज उसकी मौत हो गई। प्रधान सचिव ने बताया कि इससे पूर्व शुक्रवार को पूर्वी चंपारण के बंजारिया निवासी 54 वर्षीय एक कोरोना संक्रमित की एनएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। 

उन्होंने बताया कि वह पिछले एक वर्ष से मुंह और गले के कैंसर रोग से पीड़ित थे। मरीज 20 अप्रैल को टीएमएच, मुंबई से बंजरिया लौटे थे। इसके बाद 27 अप्रैल को उन्हें एनएमसीएच में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान हृदय गति रुकने से उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि स्वाब सैंपल जांच रिपोर्ट में उन्हें कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था। कुमार ने बताया कि बिहार में इस तरह कोरोना संक्रमण से अबतक कुल चार लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में पहले संक्रमित मरीज मुंगेर जिले के चौरंबा निवासी सैफ अली (38 वर्ष) की 21 मार्च को पटना के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मौत हो गई थी। वह खाड़ी देश कतर से भारत आया था और किडनी रोग से पीड़ित था। 

इसके बाद 17 अप्रैल को राज्य में दूसरे पॉजिटिव मरीज की भी पटना एम्स में मौत हो गई। वह वैशाली जिले का रहने वाला था। 35 वर्षीय इस व्यक्ति के 15 अप्रैल की देर शाम आई रिपोर्ट में कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। एम्स ने उसकी मौत का कारण कोरोना पॉजिटिव और मल्टी ऑर्गन का फेल होना बताया है। मरीज को इंसेफ्लाइटिस के साथ मल्टीपल इंफेक्शन यानी कई संक्रमण भी था। वह पूर्व में यक्ष्मा रोग (ट्यूबरकुलोसिस-टीबी) से भी पीड़ित रहा था। इस तरह बिहार में कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले चारो मरीज पहले से किसी न किसी गंभीर रोग से पीड़ित रहे हैं।