बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की पुलिस को लॉकडाउन के दौरान दृढ़ता से काम करते हुए लोगों के साथ विनम्र व्यवहार करने का निर्देश दिया। कुमार ने यहां मुख्य सचिव एवं अन्य वरीय अधिकारियों के साथ कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर डोर टू डोर कैंपेन की अद्यतन स्थिति, गेहूं की अधिप्राप्ति एवं लॉकडाउन में रोजगार सृजन को लेकर हुई समीक्षा बैठक में पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया कि लॉकडाउन में पुलिस दृढ़ता से कार्य करे, लेकिन लोगों के साथ विनम्र व्यवहार करें। 

उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से निपटने के लिये किये जा रहे कार्यों में चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, पुलिस, प्रशासनिक पदाधिकारी एवं कर्मी, सफाईकर्मी तथा अन्य फ्रंटलाइन वर्कर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से इन लोगों के साथ किसी तरह का दुव्र्यवहार नहीं करने की अपील करते हुए कहा, ये लोग प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर देश और समाज के लिये काम कर रहे हैं। हम सभी का दायित्व है कि इन सभी का उत्साह बढ़ाते रहें। सभी को इनकी सुविधाओं एवं सुरक्षा का ध्यान रखना हेागा।

कुमार ने कहा कि लोग लॉकडाउन का अनुशासन बनाये रखें एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। कोरोना संक्रमण से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिये सरकार हरसंभव कदम उठा रही है। लोग अपने घरों में रहें और सरकार के निर्देशों का पालन करें। लोग घबराएं नहीं, अपने घरों में सुरक्षित रहें। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, जब भी कठिन समय आया है, हमलोगों ने मिल-जुलकर मुकाबला किया है। मुझे पूरी उम्मीद है कि इस बार भी आप सबके सहयोग से कोरोना महामारी से निपटने में सक्षम होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि रबी फसल की कटाई हो रही है। गेहूं की फसल का अच्छा उत्पादन हुआ है।

उन्होंने निर्देश दिया कि 15 अप्रैल से प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के माध्यम से शुरू हुई गेंहू अधिप्राप्ति के कार्य ठीक ढंग से कराएं ताकि किसानों को कोई कठिनाई न हो। किसानों को फसल का उचित मूल्य निर्धारित समय सीमा के अंदर दिलाना सुनिश्चित किया जाय। कुमार ने डोर टू डोर कैंपेन की समीक्षा के क्रम में कहा कि पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रभावित जिलों में सक्रियता के साथ स्क्रीनिंग की जाए। उन्होंने कहा कि संदिग्ध कोरोना मरीजों के सम्पर्क वाले क्षेत्रों में गहन रूप से ट्रेसिंग, टेस्टिंग एवं ट्रैकिंग करायें। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिन्हें भी संक्रमण की थोड़ी भी आशंका हो वे जांच केन्द्र पर जाकर जांच करायें, इससे उनके परिवार एवं आसपास के लोग भी सुरक्षित रहेंगे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग दूसरे राज्य या विदेश से यात्रा कर बिहार आए हैं, वे अपनी ट्रैवल हिस्ट्री न छुपाएं। इससे उन्हें तो खतरा है ही, उनके सम्पर्क में आने वाले अपने लोगों को भी खतरा है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की श्रृंखला तभी टूटेगी जब प्रभावित जिले की स्क्रीनिंग में कोई घर नहीं छूटेगा। कुमार ने रोजगार सृजन की समीक्षा के क्रम में निर्देश दिया कि इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है ताकि मजदूरों को कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन के क्रम में दिशा-निर्देश के अनुरूप स्थानीय मजदूरों का उपयोग किया जाय। 

प्रधान सचिव एवं सचिव खुद इसकी निगरानी करें तथा अभियंता एवं श्रमिकों को प्रेरित भी करते रहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चय कार्यक्रम हर घर नल का जल, पक्की गली-नालियां तथा शौचालय का निर्माण, जल-जीवन-हरियाली एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा) योजना के तहत तालाबों एवं पोखरों का जीर्णोद्धार जैसे कार्य तेजी से शुरू करायें। मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करें। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना, सैनिटाइजेशन कराने के साथ-साथ कार्यस्थल पर जरूरी सुविधाओं एवं सुरक्षा का ख्याल रखा जाय। उन्होंने वित्त विभाग के प्रधान सचिव को निर्देश दिया कि रोजगार सृजन से संबंधित योजनाओं के लिए राशि की कोई कमी नहीं होने दी जाए।