भारत में कोरोना से होने वाली मौतों को लेकर नया आंकड़ा सामने आया है। टोरंटो विश्वविद्यालय के अध्ययन के मुताबिक भारत में कोरोना की दो लहर आने के बाद कम 2.7 से 3.3 मिलियन मौतें हुई हैं। रिसर्च में दावा किया गया है कि भारत में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या कम से कम 27 लाख से 33 लाख है। वहीं भारत सरकार के आंकड़ों की मानें तो देश में कोरोना से अब तक 4 लाख 21 हजार मौतें हुई हैं।

वहीं मुंबई में एक डॉक्टर के तीसरी बार कोरोना संक्रमित होने का मामला सामने आया है। मुलुंड इलाके निवासी डॉक्टर सृष्टि हलारी पिछले साल जून 2020 से लेकर अब तक तीसरी बार संक्रमित हुई हैं। उन्हें इस साल वैक्सीन भी लगी थी। बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि हलारी के सैम्पल को यह चेक करने के लिए कलेक्ट किया गया है कि वैक्सीनेशन के बावजूद वह संक्रमित कैसे हो गईं। डॉक्टर सृष्टि हलारी ने बताया कि पहली बार जब मैं कोविड संक्रमित हुई तो इसलिए क्योंकि एक सहकर्मी संक्रमित पाया गया था। फिर घर पर परिवार संक्रमित हुआ तो उस कारण चपेट में आई थी।

इस बीच एक अच्छी खबर भी सामने आई है। दरअसल दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों ने राहत भरी खबर दी है। वैज्ञानिकों का दावा है कि पहली डोज के तौर पर एस्ट्राजेनेका और दूसरी डोज में फाइजर टीके का इस्तेमाल किया जाए तो न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडीज का स्तर दोनों टीके की दो डोज की तुलना में छह गुना अधिक बढ़ जाता है। कोरिया डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन एजेंसी (केडीसीए) ने टीके की मिक्स डोज का प्रभाव जानने के लिए परीक्षण में 499 स्वास्थ्यकर्मियों को शामिल किया।