झारखंड (corona cases in Jharkhand) में सात महीने के बाद एक बार फिर कोरोना विस्फोट हुआ है। 29 दिसंबर को एक दिन में राज्य में 344 कोरोना संक्रमित चिन्हित किए गए हैं। मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी को देखते हुए आज राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन प्राधिकार (disaster management authority) की बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि राज्य में एक बार फिर पाबंदियां लागू की जा सकती हैं। नए साल में जश्न के लिए सामूहिक रूप से एक स्थान पर  इकट्ठा होने पर रोक लगाए जाने के संकेत हैं।

इधर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने कहा है कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए हर किसी को अलर्ट रहने की जरूरत है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता (Health Minister Banna Gupta) का कहना है कि सरकार कोरोना की पिछली दो लहरों से सरकार बहुत कुछ सीख चुकी है। संक्रमण के मामलों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। उपायुक्तों और विभाग के अधिकारियों को 24 घंटे के अलर्टमोड पर रहने को कहा गया है जरूरत पड़ी तो सख्ती भी बरती जाएगी। बुधवार को राज्य में सबसे ज्यादा रांची में 118 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। कोडरमा में 56,जमशेदपुर में 43, धनबाद में 31, पश्चिमी सिंहभूम में 22, हजारीबाग में 21 और बोकारो में 17 मरीज एक दिन में मिले। इसके अलावा देवघर, गिरिडीह, चतरा, खूंटी, रामगढ़ और जामताड़ा में भी मरीजों का मिलना जारी है।

राज्य के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह (Arun Kumar Singh) ने सभी जिलों के उपायुक्तों को टेस्ट, ट्रैक, आइसोलेशन, ट्रीटमेंट और वैक्सीनेशन पर विशेष फोकस करने को कहा है। अगर किसी खास जगह से ज्यादा संख्या में मरीज मिलते हैं तो वह कंटेनमेंट जोन (containment zone) बनाने का भी निर्देश दिया गया है। राज्य में ओमिक्रोन के किसी मामले की अब तक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि अब तक मात्र 28 मरीजों के सैंपल ओमिक्रोन जांच के लिए भुवनेश्वर भेजे गए थे। झारखंड में अब तक जिनोम सीक्वेंसिंग (genome sequencing) की कोई व्यवस्था नहीं है। इस वजह से ओमिक्रोन संक्रमण की तत्काल पहचान नहीं हो पा रही है।