झारखंड में पिछले दस दिनों में कोरोना संक्रमण (corona virus cases in jharkhand) के मामलों में जहां आठ गुणा इजाफा हुआ है। दूसरी ओर टेस्टिंग (corona testing in jharkhand) और वैक्सीनेशन (corona vaccination) की धीमी गति ने चिंता बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने झारखंड सहित आठ राज्यों को पत्र लिखकर कोविड के मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि पर चेताया है और समय रहते आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये हैं।

झारखंड में गुरुवार तक कोविड संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या 1371 (corona cases in jharkhand) पर पहुंच गयी है, जबकि बीते 20 दिसंबर को यह संख्या मात्र 159 थी। सबसे ज्यादा रांची में 563 लोग कोरोना से संक्रमित हैं। इस बीच गुरुवार को रांची में कोविड संक्रमित एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गयी। झारखंड में इस महीने से कोविड संक्रमण से यह तीसरी मौत है।

केंद्र सरकार के स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण (Health Secretary Rajesh Bhushan) द्वारा झारखंड सहित जिन आठ राज्यों को पत्र लिखा गया है, उसमें बताया गया है कि रांची सहित देश के 14 शहरों में कोविड के मामलों में वृद्धि की दर चिंताजनक है। पत्र में कोरोना टेस्टिंग (corona testing in jharkhand) की संख्या बढ़ाने, अस्पतालों की व्यवस्था को मजबूत करने और टीकाकरण की गति एवं कवरेज बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। पत्र में कहा गया है कि राज्य अपने हॉस्पिटल्स में 40 परसेंट से ज्यादा आक्सीजन सपोर्टेड बेड रिजर्व रखें।

झारखंड में टीकाकरण (corona vaccination) की गति पर भी चिंता जतायी जा रही है। राज्य में अब तक 77 प्रतिशत लोगों ने दूसरा और 47 प्रतिशत ने पहला डोज लिया है। 18 प्लस आयु वर्ग के वैक्सीनेशन के मामले में राज्य के 24 में से 18 जिले वैक्सीनेशन (corona vaccination) के मामले में रेड जोन में हैं। 18 जिलों में 18 प्लस वाली 46 परसेंट आबादी सेकेंड डोज लगाने के लिए नहीं पहुंची। इस बीच स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी पत्र में सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया गया है कि 15 जनवरी तक अभियान चलाकर सभी टारगेट ग्रुप का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करायें। राज्य में टेस्टिंग की रफ्तार भी धीमी है। पहले एक दिन में जहां 60 हजार तक सैंपल टेस्ट किए जा रहे थे, वहीं अब औसतन 31 हजार सैंपल की टेस्टिंग हर दिन हो रही है।