कोरोना संक्रमण केवल हर आयु वर्ग के लोगों को अपना शिकार बना रहा है। यह श्वसन तंत्र को सर्वाधिक प्रभावित करता है। शोध कहता है कि बुजुर्गों में यह कई तरह की दूसरी परेशानियां भी पैदा कर सकता है। 

जर्नल ऑफ गेरोनोटोलॉजी में प्रकाशित रिपोर्ट में वैज्ञानिकों का कहना है कि बुजुर्ग मरीजों में कोरोना संक्रमण अब अलग रूप में दिख सकता है। इस शोध से जुड़े प्रमुख शोधकर्ता एलिसन मारजिलियानो का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण बुजुर्गों में बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ को छोड़ दूसरी तरह की स्वास्थ्य संबंधी तकलीफ हो सकती है। ब्राउन यूनिवर्सिटी की ओर से किए गए इस सर्वे में पता चला कि बुजुर्गों में संक्रमण के बाद पाचन में परेशानी, थकान व डायरिया की तकलीफ देखी गई।

65 से 74 वर्ष के 31 फीसदी बुजुर्गों में असामान्य लक्षण नजर आए हैं। वहीं 85 वर्ष से अधिक उम्र के 44 फीसदी लोगों में इस तरह की तकलीफ देखने को मिली है। ऐसे रोगियों में मधुमेह और डिमेंशिया जैसे लक्षण देखने को मिले हैं। वैज्ञानिकों ने पाया है कि अध्ययन में शामिल 11 फीसदी मरीजों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी तकलीफ भी महसूस हुई। भ्रमित रहने, घबराहट, भूलने के साथ सुस्ती भी महसूस हुई।रिपोर्ट में दावा किया गया है कि असामान्य लक्षण से ग्रसित बुजुर्गों को आईसीयू व वेंटिलेटर की जरूरत नहीं पड़ी है। ऐसे रोगी को औसतन 10 दिन तक अस्पताल में रहना पड़ा है।