भारत में कोरोना की दूसरी लहर का कहर थमने के बाद देश के कई राज्यों ने लॉकडाउन में छूट दी है। हालांकि इस दौरान एक बार फिर से कोरोना संक्रमण के मामले कुछ बढ़ना शुरू हो गए हैं, जो चिंता का विषय है। वहीं तीसरी लहर की चिंता भी सभी को सता रही है। तीसरी लहर को बच्चों के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है। 

ऐसे में देश के भविष्य को बचाने के लिए युद्धस्तर पर वैक्सीन ट्रायल चल रहे हैं। भारत में बच्चों के टीकाकरण को लेकर एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि बच्चों में कोरोना की बीमारी बहुत हल्की होती है। ऐसे में सबसे पहले बुजुर्गों और जिन्हें पहले से कई बीमारी है, उन्हें वैक्सीन लगाना चाहिए। बच्चों के लिए फाइजर वैक्सीन को एफडीए अप्रूवल मिल चुका है और इस वैक्सीन को भारत में आने की अनुमति दी गई है। वहीं भारत बायोटेक का अप्रूवल मिलने पर 2 से 18 साल के बच्चों को वैक्सीन लगा सकते हैं। 

उम्मीद है कि जैसे ही इसका अप्रूवल मिलेगा, वैसे ही बच्चों को वैक्सीन लगाना शुरू हो जाएगा। संभवत: लगभग 2-3 महीनों के फॉलोअप के साथ सितंबर तक डेटा उपलब्ध हो जाएगा। ऐसे में उस समय तक मंजूरी मिल जाएगी, ताकि सितंबर-अक्टूबर तक बच्चों को लगाने के लिए देश में टीके होंगे। वहीं देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर अभी थमी नहीं है। बीते 24 घंटे में देश में कोरोना वायरस के 54,069 नए मामले सामने आए और 1,321 लोगों की संक्रमण से जान चली गई। देश में डेल्टा प्लस वैरिएंट के 40 से अधिक मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में पिछले 24 घंटे में 68,885 मरीज स्वस्थ्य होकर घर लौट गए हैं। इसके साथ ही अब तक 2,90,63,740 लोग घातक वायरस को मात देकर जिंदगी की जंग जीतने में कामयाब रहे हैं। देश में फिलहाल सक्रिय मामले घटकर 3,91,981 रह गए हैं।