कोरोना वायरस (Coronavirus) से हो रही तबाही से निपटने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार ( Narendra Modi) ने चौंकाने वाला फैसला लिया है। जिसमें भारत अगले एक महीने तक पूरी दुनिया से खुद को अलग कर लेगा। इस फैसले का खास मकसद मैन टू मैन कॉन्टैक्ट से फैल रहे वायरस पर कंट्रोल करना है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत सरकार ने दुनिया के किसी भी देश से आने वाले लोगों का वीजा 15 अप्रैल तक सस्पेंड कर दिया है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र से जुड़े कर्मचारियों, कूटनीतिक मामलों और सरकारी प्रॉजेक्ट से जुड़े अहम अधिकारियों पर ये बैन लागू नहीं होगा। इसके अलावा और कोई देश में दाखिल नहीं हो सकता इसके लिए पड़ोसी देश से सटी सीमाओं को सील कर दिया है।


हैरान कर देने वाली बात तो ये है कि जो ओवरसीज सिटिजन्स ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड धारकों को मिल रही सुविधा भी 15 अप्रैल तक खत्म कर दी गई है। ये फैसला अमल में आने के बाद अगर कोई इमरजेंसी जैसी स्थिति है तो भारतीय मिशन से विशेष अनुमति लेनी होगी। स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ( Dr Harshvardhan) ने Covid-19 की स्थिति की समीक्षा की। इसमें भारत और बाकी दुनिया में कोरोना के मामलों पर चिंता जाहिर की गई। शोध के मुताबिक अब ये वायरस 100 से ज्यादा देशों में फैल चुका है। देश में भी संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ कर 60 हो गई। संक्रमित लोगों के संपर्क में आने वाले 1,400 लोगों को आइसोलेशन वॉर्ड में रखे गये हैं। भूटान में Covid-19 से संक्रमित अमेरिकी के संपर्क में आने वाले 404 लोगों को असम में अलग-थलग रखा गया है।


जानकारी के लिए बता दें कि एयर इंडिया ने कहा कि वह रोम, मिलान और सिओल के लिए अपनी उड़ानें अस्थाई रूप से बंद कर रही हैं। विमानन कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि रोम (इटली) के लिए सेवाएं 15 से 25 मार्च तक बंद रहेंगी। वहीं दूसरी ओर मिलान (इटली) और साउथ कोरिया की राजधानी के लिए उड़ानें 14 से 28 मार्च तक निलंबित रहेंगी। इसी के साथ चीन, इटली, ईरान, साउथ कोरिया, फ्रांस, स्पेन और जर्मनी से सीधे या 15 फरवरी के बाद इन देशों की यात्रा कर भारत आने वाले यात्रियों को कम से कम 14 दिनों तक अलग रखा जाएगा, जब तक उनकी रिपोर्ट नेगेटिव ना आ जाए।