मध्य प्रदेश में कोरोना अब काबू में होता दिख रहा है. शुक्रवार को सामने आए सरकारी आंकड़ो के मुताबिक अब अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या केवल 5006 बची है. प्रदेश के 32 जिले ग्रीन जोन में आ चुके हैं.

वहीं तीन जिलों अलीराजपुर, छतरपुर तथा झाबुआ में कोई नया केस नहीं मिला. तीन जिलों बुरहानपुर, कटनी तथा मंडला में 1-1 नए केस और अलीराजपुर जिले में केवल 2 एक्टिव केस बचे हैं. केवल 4 जिलों में ही 15 से अधिक केस आए हैं. इंदौर में 246, भोपाल में 176, जबलपुर में 64 तथा सागर में 18 नए केस आए हैं.

ब्लैक फंगस अभी भी चुनौती बना हुआ है. प्रदेश में शुक्रवार को ब्लैक फंगस के 12600 इंजेक्शन एम्फोटेरिसन बी मिले. इन्हें प्लेन से मंगवाया गया था. सरकार का दावा है कि दो दिन बाद 17 हजार इंजैक्शन और मिल जाएंगे. प्रदेश में वर्तमान में ब्लैक फंगस बीमारी के 1005 सक्रिय मरीज हैं. भोपाल में 235, इंदौर में 428, जबलपुर में 116, सागर में 40, उज्जैन में 85, ग्वालियर में 52, रीवा में 31, देवास में 15, रतलाम में 2 तथा बुरहानपुर में 1 ब्लैक फंगस के मरीज हैं.

सरकार टेस्टिंग और ट्रेसिंग पर ज़ोर देने का दावा कर रही है. प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए हैं कि अधिक से अधिक  व्यक्तियों के टेस्ट कराए जाएं. पॉजिटिव पाए गए हर व्यक्ति की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग करें. सीएम ने जबलपुर को लेकर कहा कि जबलपुर में कोरोना के 64 नए प्रकरण आए हैं. अस्पतालों में आईसीयू में कोरोना के 370 मरीज भर्ती हैं.