लॉकडाउन इस महीने की 31 तारीख समाप्त हो जाएगा। वैसे देश में इस लॉकडाउन सहित 4 बार लागू हो चुका है।  अब कई शोध और वैज्ञानिकों द्वारा बताया जा रहा है कि कोरोना मामलों की संख्या जुलाई में चरम होगी। इसी के साथ दो महीने तक कंटेनमेंट जैसे उपायों के कारण लॉकडाउन हटाने के बावजूद कोरोना मामलों में अपेक्षाकृत कम संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।


तेज गर्मी में कोरोना अपना और घातक रूप बदल सकता है इसलिए लोग इसकी जद्द में ज्यादा आ सकते हैं तो संक्रमण ज्यादा होगा और मृत्यू दर भी इन महीनों ज्यादा आंकी जा सकती है। पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के प्रोफेसर गिरिधर आर बाबू ने दावा किया है कि अगर लॉकडाउन को हटा लिया जाता है तो जुलाई मध्य तक कोरोना ज्यादा फैल जाएगा।


जिसको नियंत्रण में नहीं किया जा सकेगा। वैसे भी कोरोना जगह और मौसम के हिसाब से अपना रूप बदल रहा है। तेज धूप में ये ज्यादा प्रभावी हो सकता है। तो इसको कम करने के लिए सरकार लॉकडाउन और बढ़ा देना चाहिए वरना अंजाम बहुत बुरा हो सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि इस शोध किया गया था कि कोरोना तेज गर्मी में कैसे अपना रूप बदलता है। जिसमें पाया गया था कि कोविड-19 तेज गर्मी में और घातक औक खतरनाक बन जाता है।