बिहार में भागलपुर जिले के कहलगांव शहर के कोरोना संदिग्ध मृत का बिना स्वैब सैंपल लिए और पोस्टमार्टम कराए ही उसका अंतिम संस्कार किए जाने का मामला सामने आया है। आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि मृत युवक एनटीपीसी के कहलगांव बिजली संयंत्र मे संविदा कामगार के रूप मे मानव संसाधन विभाग में कार्यरत था और कल शाम उसकी तबीयत बिगडऩे पर उसे एनटीपीसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां चिकित्सकों को इलाज के दौरान युवक में कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण दिखाई दिए।


इसके बाद चिकित्सक ने उसे संदिग्ध मरीज मानते हुए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (जेएलएनएमसीएच), भागलपुर रेफर कर दिया। इस पर मृतक के परिजनों का कहना है, 'अस्पताल पहुंचने के साथ ही उसकी मौत हो गई। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने उसकी जांच करने के बाद हमलोगों को शव घर ले जाने को कहा। हमलोग शव लेकर आज सुबह वापस कहलगांव लौट गये और स्थानीय शमशान घाट पर उसका दाह संस्कार भी कर दिया।'


इस बीच एनटीपीसी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रतन कुमार ने बताया कि मृतक को गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था और उसकी प्रारंभिक जांच में कोरोना के लक्षण पाये गए थे। चूंकि यहां स्वैब सैंपल संग्रह करने की व्यवस्था नहीं है इसलिए उसे जेएलएनएमसीएच रेफर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में उन्होंने एनटीपीसी के मानव संसाधन विभाग के अधिकारियों को सूचित कर दिया था। वे लोग ही स्थानीय प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को सूचना देते हैं।