देश में कोरोना वायरस के मामले हर दिन एक नया रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं और संक्रमण के 4,12,262 नए मामले दर्ज किए गए और साथ ही 3,980 लोगों ने जान गंवाने की खबर सामने आई है। इसके साथ ही संक्रमण के कुल मामले 2,10,77,410 हो गए और मृतकों की संख्या 2,30,168 पर पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 35,66,398 है जो संक्रमण के कुल मामलों का 16.92 प्रतिशत है।

कोविड-19 से स्वस्थ होने वाले लोगों की राष्ट्रीय दर गिरकर 81.99 प्रतिशत हो गई है। आंकड़ों के मुताबिक, इस बीमारी से स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1,72,80,844 हो गई है जबकि मृत्यु दर 1.09 प्रतिशत है। कोरोना से देश में हालात गंभीर हैं और सरकार वीकेंड लॉकडाउन लागू कर कोरोना को नियंत्रण करने की कोशिश कर रही है। वीकेंड लॉकडाउन से कोरोना काबू में आना वाला नहीं है।

कैलिफॉर्निया के स्टेफोर्ड मेडीसिन में संक्रामक रोगों की विशेषज्ञ कैथरीन ब्लिश ने बताया कि भारत देश में सबसे बड़ी समस्या झूठा नैरेटिव है कि सिर्फ उनका कहना है कि अगर आपकी एक बड़ी आबादी बीमार है तो यह भी आपकी अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा नहीं है। जबकि यह गलत है। कोरोना से देश में हालात खराब है तो लॉकडाउन एक विकल्प रहता है जिसे लागू कर देना चाहिए लेकिन देश की इकोनोमी के जाल में उलझने के कारण हजारों लोगों की बलि दी जा रही है। केंद्र सरकार यहां सबसे ज्यादा विफल हो रही है।