सरकार ने कोरोना वायरस के मद्देनजर नेपाल, भूटान, बंगलादेश तथा म्यांमार के लिए सड़क मार्ग से आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है। गृह मंत्रालय के शनिवार को यहां जारी एक बयान में कहा है कि इन देशों के लिए सड़क यातायात 15 मार्च से अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। भारत और बंगलादेश के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेन के संचालन को भी 15 मार्च से 15 अप्रैल या अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।


नेपाल तथा भूटान की सीमा पर आवाजाही दोनों देशों के नागरिकों लिए नहीं, तीसरे मुल्क के नागरिकों के लिए प्रतिबंधित रहेंगी। मंत्रालय ने कहा है कि सीमाओं पर लगने वाले हाट को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। इन हाट बाजारों में सीमा से जुड़े दोनों देशों के लोग आते-जाते हैं।


इस बीच स्पेन भी कोरोना वायरस के संक्रमण से गंभीर रूप से प्रभावित देश के तौर पर सामने आया। स्पेन में कोरोना से अबतक 132 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 4,265 लोग इससे संक्रमित हुए हैं जिनमें से 183 पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। फ्रांस भी इसकी गंभीर चपेट में है, जहां अब तक 79 लोगों की वायरस से मौत हो चुकी है जबकि 3661 लोग इससे संक्रमित हुए हैं जिनमें से 12 स्वस्थ हो चुके हैं।


जापान मेें कोरोना से अब तक 21, ब्रिटेन एवं नीदरलैंड में 10-10, इराक में नौ, जर्मनी और फिलीपींस में आठ-आठ, स्विटजरलैंड में सात, सैन मैरीनो और इंडोनेशिया में पांच-पांच, हांगकांग में चार, ग्रीस, ऑस्ट्रेलिया,अजरबैजान और लेबनान में तीन-तीन, अल्जीरिया, मिस्र और पोलैंड में दो -दो तथा अर्जेंटीना, थाइलैंड, ऑस्ट्रिया, बुल्गारिया, सूडान, स्वीडन, गुयाना, नार्वे, यूक्रेन, मोरक्को, कनाडा, आयरलैंड, पनामा,अल्बाना, लक्जमबर्ग और ताइवान मेें एक-एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है।


घातक कोरोना वायरस के प्रकोप पर चिंता व्यक्त करते हुए संयुक्त राष्ट्र ने इस संक्रमण की रोकथाम के लिए एक करोड़ 50 लाख अमेरिकी डॉलर की सहायता की पेशकश की है। इस निधि का इस्तेमाल विशेष रूप से कमजोर स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली वाले देशों में किया जाएगा। डब्ल्यूएचओ ने कोरोनो वायरस के खिलाफ लड़ाई के लिए 67 करोड़ 50 लाख डॉलर जुटाने का आह्वान किया है।


गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के बीच इसे वैश्विक महामारी घोषित कर दिया है। पूरे विश्व में कोरोना के संक्रमण से प्रभावित लोगों में से अब तक 67 हजार से अधिक लोगों को इससे मुक्ति दिलायी जा चुकी है। वर्तमान में संक्रमित लोगों की कुल संख्या आधिकारिक रिपोर्टों से काफी अधिक होने की संभावना है। एक महामारी विज्ञानी ने भविष्यवाणी की है कि दुनिया की 60 प्रतिशत आबादी अंतत: प्रभावित हो सकती है।