कोरोना ने देश में कोहराम मचा के रखा हुआ है। देश में कोरोना के कारण हजारों में मौतों का आंकड़ा सामने आ रहा है। इन आंकड़ों ने केंद्र सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी है। एक फिर से साल 2020 की तरह की देश में देशव्यापी लॉकडाउन लगाने की नौबत सामने आ रही है। कोरोना ने हालात खराब कर दिए हैं। जिसकी चिंता में दो हफ्ते पहले ही पीएम मोदी ने राज्यों को यह सलाह दी थी कि वे लॉकडाउन को आखिरी विकल्प मानकर चलें।

पीएम मोदी का यह बयान आने के बाद से अफरा तफरी मच गई है कि देश में एक बार फिर से लॉकडाउन लागू किया जा सकता है। देश में लॉकडाउन लगना भी चाहिए क्योंकि  देश में कोरोना बहुत ही तेजी से फैल रहा है और लोग इतना कुछ होने के बाद भी लापरवाही बरत रहे हैं। कोरोना वायरस की वजह से बढ़ते मौतों के आंकड़े की वजह से केंद्र सरकार पर लॉकडाउन लगाए जाने का दबाव बढ़ता जा रहा है। संपूर्ण लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचेगा लेकिन हालात बहुत ही खराब अभी भी हैं।

बता दें कि देश के ही नहीं बल्कि विदेश के नेता भी कोरोना संकट से उबरने के लिए भारत में लॉकडाउन को ही आखिरी विकल्प बता रहे हैं। यहां तक कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के चीफ मेडिकल अडवाइजर ने भी भारत को लॉकडाउन लगाने की सलाह दी है। जिससे कयास  लगाए जा रहे हैं कि भारत में देशव्यापी लॉकडाउन लागू किया जा सकता है। आने वाले कुछ ही दिनों में लॉकडाउन लागू कर दिया जाएगा।