पटना। बिहार में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण (corona virus in bihar) की रफ्तार बढ़ने लगी है. बिहार में तकरीबन 4 महीने के बाद सबसे ज्‍यादा कोविड-19 संक्रमित मिले हैं. प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 47 कोरोना संक्रमित मरीजों का पता चला है. गया में सबसे ज्‍यादा 17 संक्रमित पाए गए हैं, जबकि राजधानी पटना में कोरोना के 10 नए मामले सामने आए हैं. पटना एक बार फिर से कोरोना संक्रमण का हॉटस्‍पॉट बनता जा रहा है. इस बीच, COVID-19 के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का खौफ भी बढ़ता जा रहा है. प्रदेश सरकार ने हालात को देखते हुए राज्‍य के सभी पार्कों को 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक के लिए बंद करने की घोषणा कर दी है, ताकि भीड़ को इकट्ठा होने से रोका जा सके.

हालात को देखते हुए बिहार में कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर प्रशासनिक अमला अलर्ट पर है. इसके बावजूद लोगों की लापरवाही शायद कम नहीं हो रही है. इस वजह से कोरोना मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है. राज्य में पिछले 24 घंटे में 4 महीने बाद सबसे ज्यादा 47 मरीज मिलने से हड़कंप मच गया है. गया और पटना के बाद औरंगाबाद में 4, मुंगेर में 3, मधुबनी में 1, किशनगंज में 2, जहानाबाद में 1, पूर्णिया में 1, रोहतास में 1, भागलपुर में 1 और बेगूसराय में भी 1 कोरोना संक्रमित मरीज की पुष्टि हुई है. राज्य में अब एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 155 तक पहुंच गई है.

पिछले 15 दिनों से लगातार सैम्पल जांच में तेजी देखी जा रही है. 24 घंटे में राज्य में 1,73,962 लोगों की सैम्पल की जांच की गई. पटना की स्थिति बहुत तेजी से खराब हो रही है. पटना के कई इलाके हॉटस्पॉट बनते जा रहे हैं. अगले 2 से 3 दिनों में जिला प्रशासन मरीजों के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए कंटेनमेंट जोन बनाने का फैसला ले सकता है. पटना के बोरिंग रोड इलाके में सबसे अधिक मरीज पाए गए हैं. वर्तमान में 76 एक्टिव केस पटना में हैं, जिनमें एक दर्जन से अधिक मरीज केवल बोरिंग रोड इलाके के हैं. पटना सिटी में भी अब 9 मरीज हो गये हैं. कुछ समय पहले एजी कॉलोनी और पटेल नगर से संक्रमित लगातार सामने आ रहे थे.

पटना के जिन 12 इलाकों में अधिक खतरा दिख रहा है उनमें बोरिंग रोड, पटेल नगर, एजी कॉलोनी, कंकड़बाग, बुद्धा कॉलोनी, राजा बाजार, शिवपुरी, गर्दनीबाग, राजेंद्र नगर, फुलवारीशरीफ, कुर्जी और भूतनाथ रोड शामिल हैं. रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप और हवाई अड्डा पर एक बार फिर से स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की चौकसी बढ़ा दी गई है, क्योंकि बाहर से आनेवालों से सबसे ज्यादा खतरा है. राजय में ओमिक्रॉन की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन तेजी से डेल्टा वायरस बढ़ रहा है और नए जिले भी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं. एम्स पटना में फिलहाल 4 मरीज गम्भीर रूप से बीमार हैं और उनका इलाज चल रहा है.