भूटान, एक छोटा राष्ट्र है। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में हाहाकार मचाया था लेकिन भूटान एक दुनिया का एक ऐसा देश है जिसमें कोरोना वायरस दस्तक नहीं दे पाया है। भूटान देश ने बहुत ही सख्ती से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किया था और आज पूरी दुनिया में भूटान देश की तारीफ की जा रही है। बता दें कि भूटान ने अब तक केवल एक ही कोविड-19 संबंधित मौत का मामला दर्ज किया है।


पहले से मौजूद लीवर और किडनी की बीमारियों से पीड़ित 34 वर्षीय व्यक्ति ने 7 जनवरी को थिम्पू में कोविड-19 में दम तोड़ दिया था। नवंबर 2019 में महामारी के बाद से कोविड -19 से संबंधित यह पहली और एकमात्र मौत थी। भूटान ने यह उपलब्धि ऐसे समय में हासिल की जब संयुक्त राज्य अमेरिका, पूरे यूरोप और यहां तक कि कई अन्य सुपर नेशन कोरोना के शिकार हो गए थे।


हैरानी की बात तो यह है कि लगभग 7,60,000 की आबादी के लिए भूटान में केवल 337 चिकित्सक हैं। वायरल नमूनों का परीक्षण करने के लिए भूटान में मुश्किल से 3,000 स्वास्थ्य कार्यकर्ता और एक पीसीआर मशीन थी। भूटान ने अपने राजा से भरोसेमंद, होशियार, और दिशा-निर्देशन का पालन किया था। उन्होंने स्पष्ट रूप से सरकारी नेताओं से कहा कि कोविड-19 से एक मौत एक छोटे से देश के लिए बहुत ज्यादा होगी जो खुद को एक परिवार मानता है।