बिहार में कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद जरूरी दवाओं की भी लोग कमी महसूस करने लगे हैं। बाजार से कई कंपनियों के मल्टी विटामिन, जिंक, खांसी के सिरप और विटामिन सी की दवा कम हो गई है। ऑक्सीजन मापने वाला ऑक्सीमीटर भी बाजार से अचानक गायब हो गया है। इस बीच, सरकार का दावा है कि किसी प्रकार की दवाओं की किल्लत नहीं हो, इसकी लगातार कोशिश की जा रही है।

कोरोना संक्रमण की रफ्तार बड़ने के बाद एसी दवाइयों की मांग अचानक बढ़ गई, जिस कारण कमी आ गई है। लोगों का कहना है कि विटामिन सी, जिंक, इजिथ्रेामाइसिन, खांसी के सिरप और ऑक्सीमीटर की किल्लत हो गई है। लोग कहते हैं कि कई दुकानों में खोजने के बाद ये सारी दवाईयां मिल पा रही हैं। लोगों का आरोप है कि ऑक्सीमीटर 200 से 2500 तक बिक रहे हैं। इधर, दुकानदारों का कहना है कि अधिक मांग होने के कारण किल्लत हो गई है। दवा दुकानदार कहते हैं कि जिन्हें आवश्यकता नहीं भी है वे भी ये सारी दवाएं खरीद रहे हैं।

बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन का कहना है कि दवा की कहीं किल्ल्त नहीं है। एसोसिएशन लोगों से जरूरी दवाएं स्टोर नहीं करने की सलाह दी है। राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने कहा कि राज्य औषधि नियंत्रक को इसका मूल्यांकन कर सीएनएफ से बात करने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी का कहना है कि किसी प्रकार की दवाओं की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालो में मिलने वाली दवाओं की भी कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि लगातार दवाओं की मॉनिटरिंग की जा रही है।