देशभर में कोरोना की दूसरी लहर काल बनकर आई है। रोजाना लाखों लोग इससे संक्रमित हो रहे हैं वहीं हजारों जान गंवा रहे हैं। ऐसे में बॉलीवुड की कई जानी-मानी हस्तियां अपने-अपने स्तर पर देश की मदद करने के लिए योगदान दे रही हैं। वहीं बीते दिनों दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर भी इसी सूची में शामिल हुए थे। उन्होंने महामारी से निपटने के लिए चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति करने के लिए 'प्रोजेक्ट हील इंडिया' की शुरुआत की थी। लेकिन इस बार अनुपम इस प्रोजेक्ट नहीं बल्कि दूसरी वजह से लाइमलाइट का हिस्सा बने हैं। अनुपम ने केंद्रीय सरकार पर  निशाना साधा है।

हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अनुपम ने कहा कि इस महामारी की वजह से देश में जो हालात पैदा हो गए हैं उसके लिए अब सरकार को जिम्मेदार ठहराना आवश्यक है और ऐसा करना अब वैध नजर आता है। अनुपम के इस बयान के बाद से वह चर्चाओं में आ गए हैं और काफी हद तक लोग उनका समर्थन भी कर रहे हैं। इंटरव्यू के दौरान अनुपम कहते हैं, 'कोरोना की दूसरी लहर के बीच देश में जो कुछ हो रहा है, उसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराना जरूरी है। अधिकारियों की सार्वजनिक आलोचना 'कई मामलों में वैध' है। यह समझना बहुत जरूरी है कि इस समय इमेज बनाने से ज्यादा जरूरी लोगों की जान बचाना है। सरकार से स्वास्थ्य संकट के प्रबंधन में कहीं ना कहीं कुछ गड़बड़ हुई है लेकिन इन खामियों का फायदा दूसरे राजनीतिक दलों को अपने हक में नहीं उठाना चाहिए।'

वहीं अनुपम से जब पूछा गया कि सरकार की कोशिश अभी राहत देने की बजाय खुद की इमेज और समझ को बनाने पर ज्यादा है, तो इसपर वो कहते हैं, 'सरकार के लिए जरूरी है कि वह इस चुनौती का डंटकर सामना करे और उन लोगों के लिए कुछ करे जिन्होंने उन्हें चुना है।'

 अनुपम खेर ने गंगा और अन्य नदियों में मिलने वाले अज्ञात शवों का भी संज्ञान लिया। अक्सर सरकार की प्रशंसा करने वाले एक्टर अनुपम खेर ने कहा, ''सरकार को लोगों ने ही चुना है और उसे करना होगा। मैं मानता हूँ कि जो अमानवीय होगा, वही गंगा में बहती लाशों से प्रभावित नहीं होगा।''