आंध्र प्रदेश के तिरुपति में ऑक्सीजन मिलने में देरी होने के चलते कम से कम 11 मरीजों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि गैस टैंकर के पहुंचने में कुछ मिनटों की देरी हो गई थी, जिसकी वजह से वेंकटेश्वर रामनारायण रुइया सरकारी अस्पताल में सोमवार को ये घटनाएं हुई। इससे पहले राज्य के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने कोविड की स्थिति को देखते हुए एक समीक्षा बैठक बुलाई थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जिला कलेक्टर एम हरि नारायण ने जानकारी दी कि ऑक्सीजन सपोर्ट उपचार करा रहे 11 मरीजों की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि तिरुपति, चित्तूर, नेल्लोर और कड़ापा के अस्पताल में करीब एक हजार कोविड मरीजों का इलाज कराया जा रहा है। आंध्र प्रदेश में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के 13 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने जानकारी दी है कि 8:30 बजे के बाद ऑक्सीजन प्रेशर गिरना शुरू हो गया था। इससे पहले ही सप्लाई दोबारा शुरू हो सकती, कुछ ही मिनटों बाद मरीजों की मौत हो गई। इससे नाराज परिजन कोविड ICU में घुस आए। इस दौरान उन्होंने कई टेबल पलट दी और उपकरणों को नुकसान पहुंचाया है। अधिकारियों ने कहा कि ICU में मौजूद नर्स और डॉक्टर अपनी सुरक्षा के लिए तुरंत वहां से भागे और पुलिस के आने पर ही वापस लौटे। तेलंगाना पुलिस राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में पड़ोसी आंध्र प्रदेश से आने वाले मरीजों की एंबुलेंस को रोक रही है। अस्पतालों के पास बेड के लिए इंतजार कर रहे मरीजों की कतार से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिन मरीजों को बेड दिए जाने की पुष्टि की गयी है, उन्हें ही सीमा से राज्य में आने की अनुमति दी जा रही है।

तेलंगाना के सीमाई जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘हम देख रहे हैं कि बेहतर इलाज की उम्मीद में बहुत सारे मरीज दूसरे राज्यों से आ रहे हैं। हालांकि जिन मरीजों को किसी भी अस्पताल में बेड मिलने की पुष्टि नहीं की गयी है उन्हें आने की इजाजत नहीं दी जा रही। बेड नहीं मिलने वाले लोग अस्पतालों के बाहर इंतजार करते रहते हैं।’ पुलिस सूत्रों ने बताया कि हर दिन तेलंगाना में सीमा प्रवेश स्थल से विभिन्न अस्पतालों में भर्ती के लिए 500 से 600 एंबुलेंस आती है। आंध्र प्रदेश से लगे सीमाई जिले के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि एंबुलेंस को रोकने के लिए तेलंगाना सरकार से कोई लिखित आदेश नहीं मिला है लेकिन मौखिक निर्देश में ऐसा कहा गया है और अगले कुछ दिनों के लिए यह पाबंदी लागू रहेगी। तेलंगाना सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हाल में कहा था कि हैदराबाद में अस्पतालों में 50 प्रतिशत से ज्यादा बेड पर पड़ोसी राज्यों के मरीज हैं।