जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज सोमवार को वर्चुअल रैली निश्चय संवाद के माध्यम से विधानसभा चुनाव प्रचार का शंखनाद किया।  नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी सरकार क्राइम, करप्शन और कम्यूनलिज्म पर शुरू से जीरो टॉलेरेंस की नीति बनाए रखी है। 

उन्होंने कहा कि सामूहिक नरसंहार का दौर मुझे याद है।  मैं सबको कहूंगा पुराना फोटो निकालकर देखें।  उन दिनों में गाड़ी से हथियार लेकर लोग सरेआम निकलते थे।  अब क्राइम पर जीरो टालरेंस है।  बांका के डीएम का जिक्र करते हुए कहा कि बांका डीएम के द्वारा शुरू कराई गई शिक्षा योजना को पूरे बिहार में लागू कराया।  वहीं स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का भी उन्होंने जिक्र किया। 

नीतीश कुमार ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पढ़ाई की हालत कैसी थी ये याद रहना चाहिए।  उन्होंने कहा कि पहले लोगों को पढाई  से जान बूझकर दूर रखा जाता था।  आज हर गांव में स्कूल है।  और बच्चे स्कूल जाकर पढाई कर रहे हैं।  उन्होंने पोशाक व साइकिल योजना की भी जिक्र किया। 

नीतीश कुमार ने कहा कि हमने लालटेन का दौर खत्म किया और हर घर बिजली पहुंचाने का काम किया है।  उन्होंने कहा कि वोट लेने वाले लोग काम नहीं बता पाते है।  हमारी सरकार ने 6299 कब्रिस्तानों के दिवारो का घेराबंदी कराई है । 

उन्होंने कहा कि लोग अपराध पर बिना कुछ जाने ही कुछ लोग कहते रहते हैं।  हकीकत यह है कि केंद्र सरकार द्वारा जारी 2018 के राष्ट्रीय औसत में अपराध के मामले में बिहार 23 वें नंबर पर है।  नीतीश कुमार ने बाढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि अभी तक 16 लाख 62,000 लोगों को 6000 रूपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से मदद किया गया।  2019 में बाढ़ के बाद सूखे की हालत से बिहार प्रभावित हुआ।  इस साल कोरोना ने संकट बढ़ाया है।  उनहोंने कहा कि सामुदायिक रसोइ केंद्र, अनाज वितरण सहित कई तरीकों से लोगों के बीच राहत पहुंचाई जा रही है। 

नीतीश कुमार ने कहा कि अन्य राज्यों से लौटे लोगों को रोजगार के भी इंतजाम किए गए।  उन्होंने कहा कि रोजगार के लिए कानून तक में बदलाव किए जा रहे।  नई नीतियां बनाई गई।  लाखों लोगों को काम दिया गया।